बागेश्वर धार्मिक पर्यटन के साथ ही साहसिक पर्यटन क्षेत्र में अव्वल स्थान रखता है। हवाई सेवा शुरू हो तो बागेश्वर को नई पहचान मिल सकती है।
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चंद शासकों की कर्मभूमि रहे बागेश्वर के पास बागनाथ, बैजनाथ जैसे धाम हैं। पिंडारी, सुंदरढूंगा, कफनी जैसे विश्व विख्यात ग्लेशियर हैं। ट्रेल जैसा दर्रा भी बागेश्वर की थाती है। आवागमन के उचित साधन न होने के कारण यह स्थल जिले को समृद्धि नहीं दिला पा रहे हैं, जिले के लोगों को समृद्ध नहीं बना पा रहे हैं। हिमालय की तलहटी पर बसे बागेश्वर जिले में सड़कें बदहाल हैं। धार्मिक, साहसिक पर्यटन को पंख लगाने के लिए हवाई कनेक्टिविटी अहम साबित हो सकती है।
हो चुकी है घोषणा
चार सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री ने गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड को हैलीपोर्ट का रूप देकर हवाई सेवा शुरू कराने की घोषणा की थी। इसके बाद उड़ान योजना के तहत हवाई सेवा से जोड़ने का प्रस्ताव नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा गया था। 30 जनवरी को पिथौरागढ़ में हवाई सेवा के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बागेश्वर का चयन उड़ान योजना के तहत होने की जानकारी सार्वजनिक की थी।
बागेश्वर के मेलाडुंगरी से हवाई सेवा शुरू कराने को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान योजना से मंजूरी दी है। लोगों को आने वाले समय में सस्ती हवाई सेवा मिलेगी।
-अजय टम्टा, निवर्तमान, सांसद भाजपा प्रत्याशी