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रास्ता है नहीं और कहते हैं ‘स्कूल चलें हम’

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कपकोट में कर्मी रोड से बघर मोटर मार्ग पर जीआईसी तक जाने के लिए ऐसा खतरनाक रास्ता बनाया गया है। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। एक तरफ सरकार स्कूल चलें हम का नारा देती है वहीं दूसरी ओर पहाड़ के बच्चों के लिए स्कूल आने जाने के लिए ढंग का रास्ता भी नहीं है। पढ़ाई की खातिर बच्चे जान जोखिम में डालकर इन रास्तों पर चलने को मजबूर हैं। शरण-बघर मोटर मार्ग पर लगातार भूस्खलन होता है, बावजूद इसके बच्चे रोजाना बिना किसी भय के स्कूल जा रहे हैं।
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बघर वरीना पंचायत घर से राजकीय इंटर कॉलेज बघर को जाने वाला रास्ता काफी खतरनाक हो गया है। शरण बघर मोटर मार्ग के पास तो आए दिन मलबा गिर रहा है। लगातार मलबा गिरने से आम रास्ता भी बंद हो गया है। बच्चे मलबे के ऊपर से ही स्कूल जाने को मजबूर हैं।
कई बार बच्चों को जान का खतरा बना रहता है। खासकर बरसात के दिनों में तो बच्चे इस रास्ते से जान हथेली पर लेकर गुजरते हैं। इस रास्ते पर चलने में यदि जरा सी भी चूक हुई तो बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। क्षेत्र के भूपेंद्र दानू ने बताया कि यह रास्ता पिछले दो सालों से खराब है। रास्ता खराब होने के कारण स्कूलों बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बघर गांव की सड़क मंजूर है। उसमें सोलिंग हो चुकी है। बरसात के बाद डामरीकरण किया जाएगा। यह कार्य दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। - मनोज भट्ट, एई पीएमजीएसवाई खंड कपकोट।

कपकोट के बघर गांव में स्कूल जाने के लिए ऐसे खतरनाक रास्तों पर चलने को मजबूर हैं विद्यार्थी।- फोटो : BAGESHWAR

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