बागेश्वर। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय गढ़सेर के प्रधानाध्यापक की बीएड की डिग्री का कुमाऊं विश्वविद्यालय में मिलान न होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय की सूचना पर शिक्षा महकमे ने जांच शुरू करा दी है। प्रधानाध्यापक को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बृहस्पतिवार एक अप्रैल तक का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया, इससे मामला और गंभीर हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने सरकार के निर्देश पर शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्र और बीएड डिग्री आदि की पुष्टि को लेकर कुमाऊं विश्वविद्यालय को शिक्षकों की डिग्री आदि मिलान के लिए भेजी थी। कुछ दिन पूर्व कुमाऊं विश्व विद्यालय से राजकीय प्राथमिक विद्यालय गढ़सेर के प्रधानाध्यापक प्रेम सिंह दोसाद की बीएड की डिग्री का मिलान न होने की जानकारी शिक्षा विभाग को मिली। इससे महकमे सकते में आ गया। कुमाऊं विश्व विद्यालय से कहा गया कि शिक्षक ने वर्ष 1991 में बीएड की डिग्री हासिल करने का उल्लेख किया है लेकिन विश्वविद्यालय के पास वर्ष 1991 में डिग्री जारी करने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
इस पर मुख्य शिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी ने खंड शिक्षाधिकारी उमेद सिंह रावत के माध्यम से संबंधित शिक्षक को नोटिस भिजवाया कि वह एक अप्रैल तक अपना लिखित में पक्ष प्रस्तुत करें। अन्यथा उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षाधिकारी रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्होंने उक्त शिक्षक को फोन किया, तो शिक्षक ने उनका फोन नहीं उठाया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की सूचना पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय गढ़सेर के प्रधानाध्यापक से बीएड की डिग्री हासिल करने के संबंध में एक अप्रैल तक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। उनकी ओर से 7 अप्रैल तक साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसके बाद भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - पदमेंद्र सकलानी मुख्य शिक्षाधिकारी बागेश्वर