बागेश्वर। जिले में बंदरों और कुत्तों के हमले बढ़ने लगे हैं। पिछले 35 दिनों में इनके काटने के 180 मामले सामने आ चुके हैं। जिला अस्पताल में रोजाना चार-पांच लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में रेबीज की पर्याप्त उपलब्धता है।
नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदर फसल को नष्ट करने के साथ-साथ घर और दुकान में घुसकर सामान उठा रहे हैं। भगाने पर वह काटने आते हैं। जनवरी के महीने में जिला अस्पताल में बंदरों के हमलों में जख्मी 10 लोग इलाज कराने अस्पताल पहुंचे। फरवरी में अब तक दो लोग बंदर के काटने का इलाज करा चुके हैं। नगर में लावारिस कुत्ते भी लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं। पिछले महीने 155 लोगों को कुत्तों ने जख्मी कर अस्पताल पहुंचा दिया। इस महीने अब तक कुत्तों के हमले के 13 मामले जिला अस्पताल में आ चुके हैं।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार कुत्तों के काटने के मामले रोजाना पहुंच रहे हैं। अधिकांश मामले नगर क्षेत्र से आ रहे हैं। इसके अलावा जंगली सुअर के दो, तेंदुए के हमले में जख्मी होने का एक और बिल्ली के काटने के दो मामले भी विगत जनवरी में जिला अस्पताल में आए।
सीएमएस डॉ. तपन कुमार शर्मा ने बताया कि जनवरी से अब तक 273 लोगों को जिला अस्पताल से रेबीज के इंजेक्शन लगाए हैं। अस्पताल में रेबीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।