बागेश्वर के बागनाथ धाम में हो रहे निरीक्षण कार्य का निरीक्षण करती पुरातत्व विभाग की टीम। संवाद
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बागेश्वर। पुरातत्व विभाग की टीम ने बागनाथ मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्य का निरीक्षण किया। मंदिर कमेटी ने तय सीमा में निर्माण कार्य न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि कई तारीख तय करने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। इससे मंदिर में अव्यवस्था फैल रही है।
सोमवार को अल्मोड़ा के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी चंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में पुरातत्व विभाग की टीम ने बागनाथ मंदिर परिसर में 1.3 करोड़ की लागत से चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान बागनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम कार्य धीमा होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फरवरी 2021 में निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन फरवरी 2022 आ गया है और कार्य अपूर्ण है। कालभैरव मंदिर की छत नहीं बनी है। संग्रहालय, कालभैरव मंदिर में विद्युतीकरण का काम अधूरा पड़ा है। डीएम ने 30 नवंबर 2021 तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद समय पर कार्य नहीं हुआ। कार्य पूर्ण न होने से मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैल रही है। जनवरी 2022 से कार्य बंद पड़ा हुआ है। इधर, चौहान ने कहा कि कोरोना के कारण भी काम में बाधा पहुंची है। ग्रामीण विकास विभाग के ईई वर्तमान में अवकाश में हैं। उनसे बात हुई है। जल्द ही कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।