गांधी पार्क में धरना देते आल्पस फैक्ट्री के कर्मचारी।
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बंद दवा की फैक्ट्री को सुचारू करने, ईपीएफ और पांच माह का वेतन देने की मांग को लेकर आल्पस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी गांधी पार्क में धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि बगैर वेतन के कर्मचारी भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। उन्होंने मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की।
गांधी पार्क में हुई जनसभा में श्रमिकों ने कहा कि फैक्ट्री बंद होने और वेतन नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। जिला प्रशासन और शासन उदासीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं कि तो कर्मचारी क्रमिक और आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने आत्मदाह जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने 14 जनवरी सोमवार को सुबह आठ बजे सर्किट हाउस में प्रदेश के वित्त मंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। इस दौरान कर्मचारियों के आंदोलन को अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया। धरने पर चंद्रशेखर जोशी, हेमंत रावत, बलवंत सिंह, मो. वसीम अहमद के अलावा समर्थन देने में हर्ष कनवाल, राजू गिरी, त्रिलोचन जोशी, पीतांबर पांडे, पूरन रौतेला, सुनील कर्नाटक, परितोष आदि शामिल थे।