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पानी के इंतजार में तप रहे आदमी और बर्तन 

Mon, 02 May 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बागेश्वर।
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पानी की समस्‍या - फोटो : अमर उजाला
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तपते पहाड़ और दिन-रात धधकते जंगलों का असर पेयजल योजनाओं में पड़ते जा रहा है। पेयजल योजनाओें में हर रोज पानी की मात्रा कम होने से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। सूखे का सर्वाधिक असर ऊंचाई वाले गांवों में पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पेयजल संस्थान से योजनाओं में शीघ्र पानी की आपूर्ति कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। 
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बागेश्वर, कपकोट, दुग नाकुरी, कांडा, काफलीगैर, गरुड़ तहसीलों और शामा उप तहसील क्षेत्र के कई ऊंचाई वाले गांवों की योजनाओं में पानी की मात्रा हर रोज कम होते जा रही है। नजदीक में कोई अन्य जल स्रोत नहीं होने से पानी की परेशानी और बढ़ती जा रही है। पानी के चक्कर में ग्रामीणों की दिनचर्या बिगड़ रही है, सो अलग।

कई गांवों में ग्रामीण और मवेशी एक ही गधेरे का पानी पीने को मजबूर हैं। गंदा पानी पीने के कारण वहां बीमारी फैलने की आशंका बनी है। उधर, खरेही पट्टी के लिए बिलौना के नजदीक बह रही सरयू से पंपिंग योजना बनी है। योजना से अनेक गांवों को दूसरे दिन पानी की आपूर्ति हो रही है।
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कठपुड़ियाछीना कस्बे में पानी की आपूर्ति चरमराने के कारण व्यापारियों और यहां रह रहे लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैैं। पानी के इंतजार में आदमी और बर्तन दोनों ही तप रहे हैं। पानी आता भी है तो वह जल्दी जाता है। इधर, पेयजल संस्थान के ईई केएस खाती ने बताया कि बिजली की आंखमिचौली का पंपिंग योजनाओं पर असर पड़ता है, फिर भी उन्होंने संबंधित जेई को पहले से ही पर्याप्त और नियमित आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। 

कंट्रोल रूप में दर्ज हुई पांच शिकायतें 
बागेश्वर। पेयजल संस्थान के अनुसार कंट्रोल रूम में सोमवार को चार शिकायत जीतनगर और एक शिकायत मंडलसेरा गांव से प्राप्त हुई। योजना को शीघ्र दुुरुस्त करने के लिए संबंधित जेई को निर्देश दिए गए हैं।  अभावग्रस्त इलाकों में टैंकरों के जरिये पानी की आपूर्ति की जा रही है। 
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