कपकोट/बागेश्वर। उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की ब्लाक इकाई की बैठक में समस्याओं पर चर्चा हुई। सरकार पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया और एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प जताया गया।
ब्लाक मुख्यालय पर हुई बैठक में एक्टू के नेता कामरेड आनंद नेगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण के दावे करती हैं। किंतु महिलाओं की बेहतरी के लिए विशेष प्रयास नहीं हुए हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में 47 सालों से आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका समर्पित होकर कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य के आंदोलन में महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है। किंतु राज्य गठन के 12 साल बाद भी महिलाओं को उनके अधिकार नहीं मिल पाए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लगातार कोरे आश्वासनों से छला गया है। उन्होंने कहा कि एक्टू के बैनर तले आंगनबाड़ी कर्मचारियों को एकत्र करके उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्हें एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर को बागेश्वर जिले की कार्यकत्रियां जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगी। अध्यक्षता करते हुए संगठन की जिला सचिव मुन्नी शाही ने कहा कि 28 नवंबर को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शन की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए लता कपकोटी, मालती फर्स्वाण, नीमा जोशी, तारा आर्या और उमा गड़िया को संयोजक बनाया गया है। बैठक में लीला देवी, ममता देवी, भारती आदि ने विचार रखे।