बागेश्वर जिले के दूरस्थ गांव माजखेत में अचानक नौ स्कूली बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बीमार बच्चों को सीएचसी कपकोट से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। फिलहाल बच्चों की सेहत ठीक है। बुधवार को माजखेत के प्राथमिक और इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले नौ बच्चों को अचानक पेट दर्द की शिकायत होने लगी। ग्रामीण बच्चों को सीएचसी कपकोट लाए। कपकोट में चिकित्सकों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें गहन जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बृहस्पतिवार को अभिभावक बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रवींद्र सिंह ने बताया कि बच्चे ठीक है। उनको कुछ जांचें लिखी गई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमार होने के असल कारणों का पता चल पाएगा।
क्या मिश्री खाने से बीमार हुए बच्चे
कपकोट के थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि उन्हें बुधवार को लाथी गांव के शोबन सिंह ने फोन कर बताया कि गांव के कुछ बच्चे बीमार हो गए हैं। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस टीम को साथ लेकर शामा पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे जब स्कूल से घर की ओर आ रहे थे तो उन्हें रास्ते में गांव के एक बुजुर्ग मिले। बच्चों ने बुजुर्ग से टॉफी खिलाने की जिद की। बच्चों के मांगने पर बुजुर्ग ने उन्हें अपने साथ लाई मिश्री दे दी। कुछ देर बाद बच्चों के पेट में दर्द होने लगा।
ग्रामीणों का कहना था कि उसी मिश्री को खाकर बच्चों की सेहत बिगड़ी है। थानाध्यक्ष नगरकोटी ने बताया कि बुजुर्ग से पूछताछ की गई है, हालांकि वह पूर्व में भी बच्चों को टाफी, मिश्री आदि बांटते रहे हैं। बुधवार को भी वह रिश्तेदारी से घर आ रहे थे। बच्चों के मांगने पर उन्होंने मिश्री खाने को दी थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में थाने में किसी भी अभिभावक ने तहरीर नहीं दी है। हालांकि पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।
बीमार होने वाले बच्चे
बीमार होने वाले बच्चों में कृष कुमार (12) पुत्र कुंवर राम, लवली आर्या (09) पुत्री राजेंद्र राम, राधा आर्या (12) पुत्री ललित राम, दिव्या आर्या (08) पुत्री प्रकाश राम, प्रिया आर्या (10) पुत्री प्रकाश आर्या, काजल आर्या (10) पुत्री कुंवर राम, सपना आर्या (08) पुत्री ललित राम, दीक्षा आर्या (08) पुत्री गोपाल राम, आकांक्षा (10) पुत्री गोपाल राम शामिल हैं।
बच्चों की जांच के बाद उन्हें 24 घंटे अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी गई थी लेकिन अभिभावक उन्हें घर लेकर जा रहे हैं। फिलहाल बच्चे ठीक हैं। बच्चों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही बीमार होने के कारणों का पता चल सकेगा।
- डॉ. वीके टम्टा, सीएमएस जिला अस्पताल बागेश्वर।