कपकोट (बागेश्वर)। बारिश ने ग्राम पंचायत कपकोट और नगर पंचायत के वार्ड, एक, दो और तीन को गहरे जख्म दिए हैं। सड़क, पैदल रास्ते और पानी जैसी सुविधाएं अभी तक पटरी पर नहीं आने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुस्साए लोगों ने बैठक करके प्रशासन से आपदा के जख्म शीघ्र भरने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी की अध्यक्षता में काशिल देव मंदिर परिसर में हुई बैठक में कहा कि दूणी-सुुुकुंडा सड़क का बुरा हाल है एक सप्ताह से बंद सड़क को खोलने में तेज गति नहीं अपनाई जा रही है। गांव में खाद्यान्न नहीं पहुंच पा रहा है। सड़क के नहीं खुलने से पांच चौपहिए वाहन दूणी गांव में फंसे हुए हैं। चालकों, मालिकों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। जीआईसी और गांव को जोड़ने वाला रास्ता भुरकुटी और मड़गाड़ी गधेरे के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो चुुका है।
भू-स्खलन से धरखोला, सुल्टुई, मल्लाफेर और राकशी के कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के कोई कार्य नहीं हुए हैं। सरयू का तेज बहाव से इसके आसपास के क्षेत्रों में काफी कटाव हो रहा है। भू-स्खलन से मंगल बिष्ट, देवेंद्र सिंह के मकानों पर खतरा है। वहां काशिल देव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जमन सिंह बिष्ट, पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी, गोविंद कपकोटी, गोकुल कपकोटी, लक्ष्मण कपकोटी आदि थे।