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फिर टूटा कोरोना का रिकॉर्ड, 76 नए केस आए

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बागेश्वर के जिला अस्पताल में सामान्य मरीजों की कमी से छाई सुनसानी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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शनिवार को अल्मोड़ा और बागेश्वर में कोरोना संक्रमण के 226 नए मामले सामने आए। सभी मरीजों को आइसोलेट किया गया है। लगातार बढ़ रहे मामलों से लोगाें में भय का माहौल है।
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शनिवार को अल्मोड़ा जिले में कोरोना के एक साथ 150 नए मामले सामने आए हैं। इनमें ताड़ीखेत ब्लॉक में 23, लमगड़ा में 13, ताकुला में 11, धौलादेवी में 10, भैंसियाछाना में छह, द्वाराहाट में सात, चौखुटिया, भिकियासैंण और सल्ट में तीन-तीन मरीज शामिल हैं। लोधिया बैरियर में बाहरी राज्यों और अन्य जनपदों से आए 24 लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। वहीं अल्मोड़ा के तमाम मुहल्लों और क्षेत्रों के 47 मरीज हैं। शनिवार को आए नए मरीजों के साथ ही जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 4397 पहुंच गई है, जिसमें से 3765 स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में जिले में 604 सक्रिय मामले हैं।
इधर बागेश्वर में शनिवार को अब तक के सर्वाधिक 76 नए केस आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 1742 पहुंच गई है। सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि वर्तमान में जिले में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 267 हो गई है। (संवाद)
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बागेश्वर में तेजी से बढ़ रही कोरोना संक्रमण की दर
बागेश्वर। जिले में कोरोना संक्रमण की दर लगातार बढ़ रही है। लोग तेजी से कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। बाहरी प्रदेशों के अलावा अब स्थानीय लोगों में भी कोरोना तेजी से फैल रहा है। 23 अप्रैल तक 236 लोग संक्रमित हो गए हैं। वहीं 56 लोगों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है। फिलहाल जिले में कोरोना से ठीक होने की दर 98.8 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 31 मार्च तक बागेश्वर जिले में कोरोना संक्रमण की दर 1.99 थी। वर्तमान में 2.22 की दर से संक्रमण फैल रहा है। कोरोना के बढ़ते खौफ के बीच ठीक होने की दर से लोगों में राहत भी है। हालांकि तेजी से बढ़ रहे मामले चिंतित भी कर रहे हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जिले में कोरोना की दूसरी लहर में किसी की मृत्यु नहीं हुई है। उपचार के बाद अधिकतर लोग ठीक हो रहे हैं। सामान्य संक्रमितों का डिग्री कॉलेज बागेश्वर के कोविड केयर सेंटर में इलाज किया जा रहा है। वहीं अधिक संक्रमित लोगों का कोविड अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मार्च के बाद कोरोना संक्रमण की दर में इजाफा हुआ है। महामारी की दूसरी लहर में संक्रमितों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों को शासन से जारी कोविड गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहा है। जब नियमों का ईमानदारी से पालन होगा, तभी कोरोना को हराया जा सकेगा। - डॉ. वीके सक्सेना, उप मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर।
कोरोना में बढ़ोत्तरी के जिला अस्पताल में ओपीडी हुई कम
बागेश्वर। कोरोना संक्रमण में तेजी आने के बाद जिला अस्पताल में अन्य बीमारियों की जांच कराने वालों में कमी आने लगी है। इन दिनों ओपीडी घट गई है। अप्रैल की शुरूआत में जहां 300 से अधिक लोग जांच कराने के लिए आ रहे हैं, वहीं कोरोना के मामले बढ़ने के बाद यह आंकड़ा घटकर 150 से 200 पर आ गया है।
जिला चिकित्सालय से मिली जानकारी के अनुसार इस सप्ताह आपीडी में गिरावट आई है। कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इस कारण अस्पताल से लोग दूरी बनाने लगे हैं। जुकाम, बुखार, दर्द सहित अन्य छोटी बीमारी वाले मरीजों की संख्या कम हो गई है। नियमित जांच या किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग ही अस्पताल का रुख कर रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को 281, मंगलवार को 188, बुधवार को 107, बृहस्पतिवार को 230, शुक्रवार को 157, शनिवार को 130 लोगों ने अस्पताल में आकर जांच कराई।
वहीं जिला अस्पताल में अब भी अल्ट्रासाउंड की समस्या बनी हुई है। लोगों को रोजाना अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। गर्भवती महिलाएं और गरीब तबका इससे परेशान है। लोगों ने अस्पताल में रोजाना अल्ट्रासाउंड करने की मांग की है। इधर जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. एलएस बृजवाल ने कहा कि इन दिनों ओपीडी कम हो रही है, पहले के मुकाबले आधे मरीज ही जांच कराने आ रहे हैं। (संवाद)
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अल्मोड़ा में साप्ताहिक कर्फ्यू और बंदी के दौरान बढ़ गई कोरोना की रफ्तार
अल्मोड़ा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को कम करने के लिए सरकार ने उत्तराखंड में रविवार को साप्ताहिक बंदी और अन्य दिनों के लिए प्रतिदिन दुकानों के खुलने के समय के नियम लागू किए। फिलहाल इन सभी फैसलों का अल्मोड़ा जनपद में तो कोरोना संक्रमण पर असर पड़ता नहीं दिखाई दिया। बल्कि यहां पिछले दिनों में कोरोना के मामले और भी ज्यादा बढ़ गए हैं।
अल्मोड़ा में भी रविवार को पूरे दिन कर्फ्यू के साथ ही प्रतिदिन रात्रिकालीन कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया गया। इसके साथ ही 21 अप्रैल से जरूरी सेवाओं को छोड़ बाकी दुकानों को भी दिन में दो बजे के बाद बंद करने का नियम सख्ती से लागू हुआ। जनपद के चार प्रवेश बिंदुओं पर भी आने वाले लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से जारी किए जा रहे आंकड़ों के अनुसार इसके बाद भी 19 से 23 अप्रैल तक पांच दिनों में यहां कोरोना के 454 मामले मिले हैं।
औसत देखें तो इस दौरान यहां रोजाना कोरोना के करीब 91 मरीज मिले। जबकि इससे पहले यहां कोरोना रफ्तार कम थी। 14 अप्रैल से 18 अप्रैल तक पांच दिनों में जनपद में कोरोना के 261 मामले मिले थे। प्रतिदिन के औसत के हिसाब से देखें तो रोजाना करीब यहां 52 मरीज मिले थे। अगर इन आंकड़ों की मानें तो साप्ताहिक और रात्रि कर्फ्यू के अलावा बाजार को दो बजे तक बंद रखने के निर्णय का कोरोना की रफ्तार पर असर नहीं पड़ा है।
कर्फ्यू और बाजार बंदी के बीच लोगों का एक दूसरे से मिलना कम हो जाता है, लेकिन दूसरी लहर अधिक विकराल रूप ले रही है। दो बजे से पहले खुले बाजारों में लोग सब कुछ जानने के बाद भी लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में संक्रमण से बचना बहुत मुश्किल हो जाएगा। लोगों को खुद भी जागरूक होने की जरूरत है। -डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ अल्मोड़ा।
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