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कपकोट के नगर समेत 65 गांवों के लोगों के बगैर बिजली के काटी रात

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बागेश्वर के बसकूना में बिजली के पोल बदलते कर्मचारी। फोटो सौजन्य आपदा प्रबंधन विभाग - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/कपकोट। 29 जून की अतिवृष्टि के बाद से बागेश्वर जिले के हालात सामान्य नहीं हुए हैं। जिले के लोग बिजली का गंभीर संकट झेल रहे हैं। शनिवार की रात को कपकोट के भराड़ी बाजार समेत 65 गांवों की बिजली गुल रही। वहीं बसकूना समेत तमाम गांवों की बिजली पांच दिन बाद भी बहाल नहीं हुई है। बरसात में बिजली के संकट से लोग परेशान हैं।
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शनिवार की शाम को कपकोट के पनौरा के पास बिजली की लाइन में फाल्ट आने से कपकोट के भराड़ी बाजार के साथ ही बमसेरा, ऐठाण, रिखाड़ी, पाली डुंगरा, सौंग, मुनार, गांसी, पतियासार, झूनी, तरसाल, खलझूनी, कर्मी, धूर, ढोपटीगांव समेत 65 गांवों की बिजली गुल हो गई। रविवार की सुबह करीब 10 बजे बिजली बहाल हुई। बिजली न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कपकोट आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। आपदाकाल में बिजली के संकट से लोग परेशान हो रहे हैं।
उधर, 29 जून की अतिवृष्टि के बाद से बसकूना, धरखोला, पालीडुंगरा, बैड़ा-मझेड़ा क्षेत्र में बिजली नहीं है। अतिवृष्टि के दौरान बिजली के पोल और बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बिजली की लाइनों की मरम्मत का काम किया जा रहा है। कब तक इन क्षेत्रों में बिजली बहाल होगी, इसकी जानकारी ऊर्जा निगम नहीं दे पा रहा है।
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जिला मुख्यालय में भी पल-पल में गुल हो रही बिजली
बागेश्वर। पिछले कुछ महीने से जिला मुख्यालय में भी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। जिला मुख्यालय में पल-पल में बिजली गुल हो रही है। शनिवार की देर रात तक नगर में बिजली नहीं थी। जिला मुख्यालय के साथ ही घाटी वाले इलाकों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। बिजली न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोग कूलर और पंखे का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। यूपीसीएल के अधिकारियों से पूछने पर लाइन, ट्रांसफार्मर में खराबी आने की बात कही जाती है। फाल्ट आने का सिलसिला कब रुकेगा, इसका जवाब ऊर्जा निगम के पास नहीं है।
आधे बागेश्वर में भीषण जल संकट
बागेश्वर। बागेश्वर नगर के कठायतबाड़ा, स्टेशन रोड समेत तमाम इलाकों के लोग भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। जखेड़ा पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से यह दिक्कत आई है। वहीं गरुड़ के मटेना समेत तमाम इलाकों में पानी का संकट बना हुआ है।
पिछले दिनों अतिवृष्टि के दौरान नगर के कठायतबाड़ा, स्टेशन रोड, अड़ौली समेत तमाम इलाकों को जलापूर्ति करने वाली जखेड़ा पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। जखेड़ा पेयजल योजना नगर के आरे के पास सरयू नदी से होकर गुजरती है। नदी के तेज बहाव में कई पाइप बह गए। पेयजल संकट से आधे नगर के लोग परेशान हो गए हैं। जल संस्थान टैंकरों से पानी की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
गरुड़ के मटेना में 70 परिवार पानी के लिए तरस गए हैं। पेयजल योजना बाधित होने से लोगों के संयोजनों में पानी नहीं आ रहा है। लोग जलधारों, नौलों, हैंडपंपों से पानी की पूर्ति कर रहे हैं। देवलचौरा-गोलना पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से उस इलाके में पानी की किल्लत बनी हुई है। दुगनाकुरी के उडियार में भी बीते बुधवार को पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पेयजल योजना की अस्थायी मरम्मत कर पानी सुचारु करने से लोगों को कुछ राहत मिली है। जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी का कहना है कि जखेड़ा पेयजल योजना के साथ ही गरुड़ की वृहद पेयजल योजना की मरम्मत की जा रही है। उडियार समेत कई जगह अस्थायी व्यवस्था कर पानी चला दिया गया है। मौसम ने साथ दिया तो एक-दो दिन के भीतर क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं में पानी चला दिया जाएगा।
राहत न मिलने से आपदा प्रभावित परेशान
बागेश्वर। 29 जून की आपदा ने बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र को गहरे जख्म दिए हैं। कई लोगों का आशियाना छिन गया है। तत्काल राहत न मिलने से लोग परेशान हो गए हैं। 29 जून को कपकोट के जारती में चंचल सिंह का मकान ध्वस्त हो गया था। परिवार ने दूसरे मकान में शरण ले रखी है। परिवार आशियाने की व्यवस्था न होने और राहत राशि न मिलने से परेशान है। शनिवार को पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने जारती जाकर चंचल सिंह के क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं हैं। प्रभावितों को सरकार और प्रशासन से जो मदद मिलनी चाहिए थी, वह अब तक नहीं मिली है। कहा कि जारती में सड़क के मलबे से लोग परेशानी में हैं। प्रशासन को ऐहतियाती कदम उठाने चाहिए। संवाद
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