बागेश्वर। राजस्व उपनिरीक्षक राजस्व विभाग के आंख और कान हैं। उन्हें अपने व्यवहार में बदलाव लाकर लोगों की शिकायतों का समय से निस्तारण करना होगा। इसके लिए उन्हें कार्यक्षेत्र में रहने की जरूरत है। यह बात डीएम रंजना राजगुरु ने राजस्व उप निरीक्षकों की एक दिनी प्रशिक्षण कार्यशाला में कही।
तहसील सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में उन्होंने राजस्व उपनिरीक्षकों से किसी के दबाव में न आकर निष्पक्ष रूप से अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनहित में कार्य करने को कहा। उन्होंने किसी भी घटना की पूरी गहनता से विवेचना कर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने, एफआईआर में पूरा विवरण अंकित कर केस डायरी को उचित तरीके से रखने और चार्ज शीट समय से दाखिल करने को कहा।
अतिक्रमण स्थलों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, सहायक अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्या, शासकीय अधिवक्ता आबिद हसन, बसंत बल्लभ पाठक, गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने भी सभी एक्टों की जानकारी दी। वहां एसडीएम बागेश्वर श्याम सिंह राणा, कपकोट के रविंद्र सिंह बिष्ट, गरुड़ के सुंदर सिंह, कांडा रिंकू बिष्ट आदि थे।