बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक में पड़ने वाले उच्च हिमालयी क्षेत्र के कई गांव पिछले तीन दिनों से अलग-थलग पड़े हैं। मल्ला दानपुर के कई गांवों को जोड़ने वाली रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट सड़क रविवार को भी नहीं खुल पाई। क्षेत्र के कई गांवों में अभी भी बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। इससे बीएसएनएल के धूर में स्थापित मोबाइल फोन टावर से सिग्नल नहीं आ रहे हैं। बर्फ न पिघलने से अनेक गांवों की पेयजल लाइनें चोक हो गई हैं। ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
मालूम हो कि खाती, बाछम, सोराग, किलपारा, कालो, बदियाकोट, बोरबलड़ा, कुंवारी, तीख, धूर, उगियां, झूनी, खल्झूनी, मिकिला खल्पट्टा, हरकोट, धुरकोट, चौड़ा, पेठी, कर्मी आदि गांवों में एक से दो फीट तक बर्फ पड़ी हुई है। बर्फ की मोटी चादर बिछने से रिखाडी-बाछम-बदियाकोट सड़क बंद है। सड़क पर तीन दर्जन से भी अधिक छोटे बड़े वाहन फंसे हैं। सड़क न खुलने से पूरा क्षेत्र तहसील और ब्लाक से अलग थलग पड़ा हुआ है। धूर से बाछम के बीच बिजली की मेन लाइन के पर कई जगह पेड़ गिरे हैं। तारों के टूटने से गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। ऊर्जा निगम अभी तक बिजली की आपूर्ति सुचारु नहीं कर पाया है। बिजली के बिना बीएसएनएल के धूर में लगे मोबाइल फोन टावर से सिग्नल नहीं आ रहे हैं।
आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बर्फ से ढकी झोपड़ा-शामा, शामा-तेजम सड़क यातायात के लिए खुल चुकी है। रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट, शामा-लीती-गोगिना सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगी हुुई हैं। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भाष्कर पांडे ने बताया कि शामा, माजखेत, रमाड़ी, भनार, नानी पन्याली और हरसिंग्याबगड़ तक बिजली की आपूर्ति सुचारु हो गई है। शामा से आगे लाइन ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट सड़क खुलने पर मल्ला दानपुर क्षेत्र में बिजली की लाइन ठीक करवा दी जाएगी।