बागेश्वर। महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना बजट के अभाव में लटकी हुई है। 90 लाभार्थियों को अपने घर के निर्माण के लिए एक साल से किस्त नहीं मिली है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अपने घर का सपना आखिर कब पूरा होगा।
जिले के बागेश्वर नगर पालिका क्षेत्र में गुजरे वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 71 लाभार्थियों का चयन किया गया था। इनमें से 19 को ही पहली किस्त मिली है। शेष 52 बजट का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह कपकोट नगर पंचायत में गुजरे वित्तीय वर्ष में 66 लाभार्थियों का चयन किया गया था।
इनमें से 28 को ही पहली किस्त मिली है। 38 लोग इंतजार में हैं। इस तरह देखा जाए तो गुजरे वित्तीय वर्ष में चयनित 137 लाभार्थियों में से 71 को ही पहली किस्त मिली है। जबकि 90 लाभार्थी अब तक इससे वंचित हैं। इनके भवन निर्माण का काम ही शुरू नहीं हो सका है। दूसरी ओर पहली किस्त लेने वाले लाभार्थी दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इनके भवन निर्माण का काम भी अटक गया है।
लाभ मिलना तो दूर सत्यापन तक नहीं हुआ
पीएम आवास योजना के तहत किफायती आवास घटक योजना में बागेश्वर पालिका क्षेत्र में 89 भूमिहीनों ने आवेदन किए हैं। मलिन बस्ती घटक योजना में 48 ने आवेदन किए हैं। इन आवेदकों को योजना का लाभ मिलना तो दूर पालिका प्रशासन अब तक आवेदनों का सत्यापन तक नहीं कर सका है। पालिका की ढ़िलाई के चलते इन आवेदकों का अपने घर का सपना अभी सपना ही है।
ऋण आधारित घटक में एक भी आवेदन नहीं
ऋण आधारित अनुदान घटक योजना में जिले भर में कोई भी आवेदन नहीं मिला है। इसे नगर पालिका की लापरवाही और बैंकों के नकारात्मक रवैये के रूप में देखा जा रहा है। इस योजना में एक भी आवेदन न मिलने से योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। अनुदान होने के बाद भी किसी आवेदक के सामने न आने से योजना के संचालन पर ही प्रश्नचिह्न लगे हैं।
चयनित लाभार्थियों के लिए शासन से बजट की मांग की जा रही है। किफायती आवास और मलिन बस्ती घटक में पालिका को तीन दिन के भीतर सत्यापन के निर्देश दिए हैं। ऋण आधारित घटक में व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई है।
- रंजना राजगुरु, डीएम, बागेश्वर।