बागेश्वर। जिले के विभिन्न गांवों में गुलदार ने पिछले तीन साल में 450 से अधिक पशुओं को अपना निवाला बना लिया था, लेकिन पीड़ित पशुपालकों को गत तीन साल से मुआवजा नहीं मिल सका है। मुआवजे के लिए पालक वन विभाग सेे कई बार संपर्क कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा। परेशान पशुपालकों ने शासन और वन विभाग से मुआवजे का शीघ्र भुगतान शीघ्र करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ने गुलदार ने 2015 से अब तक जिले के विभिन्न गांवों में 450 से भी अधिक गाय, भैंस, बैल और बकरियों को मारा था। गुलदार ने एक व्यक्ति को भी निवाला बनाया था जबकि दो लोगों को घायल कर दिया था। वन विभाग को हताहत लोगों के परिजनों, पीड़ित पशुपालकों को मुआवजे के रूप में करीब 69.63 लाख रुपये से भी अधिक देना है।
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने मुआवजे के लिए वन विभाग के अब तक कई चक्कर काट दिए हैं, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार गुलदार द्वारा किसी व्यक्ति को अपना निवाला बनाने पर वन विभाग उसके आश्रितों को तीन लाख रुपये का मुआवजा, साधारण घायल होने पर 15 हजार, गंभीर घायल को 50 हजार रुपये जबकि अपंग होने पर डेढ़ लाख रुपये, इसी तरह गाय, भैंस, बैल और बकरियों को गुलदार द्वारा मारे जाने पर संबंधित पशुपालक को एक से 15 हजार रुपये तक का मुआवजा मिलता है।
प्रभावितों ने शासन और वन विभाग से मुआवजे का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। मांग करने वालों में जानकी देवी, लक्ष्मण सिंह, प्रेम सिंह, साधो सिंह, खीम सिंह, कमला देवी, पान सिंह, जसौद सिंह, अमर राम और प्रेम राम आदि शामिल हैं। इधर प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि मुआवजे की राशि के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बजट उपलब्ध होते ही संबंधित लोगों में मुआवजा बांट दिया जाएगा।