बागेश्वर। आगामी मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश और आपदा की आशंका को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले के तीनों ब्लॉकों में जर्जर और भूस्खलन की जद में आ चुके 14 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अति संवेदनशील चिह्नित किया गया है। मानसून के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए विभाग ने इन स्कूलों की सूची आपदा प्रबंधन विभाग को सौंप दी है। सभी प्रभावित स्कूलों को नजदीकी सुरक्षित भवनों, पंचायत घरों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित करने की योजना बनाई गई है।
सीईओ के निर्देश पर सभी बीईओ से स्थलीय निरीक्षण कराने के बाद जारी सूची के अनुसार गरुड़ ब्लॉक के 23 विद्यार्थियों वाले राउप्रावि माल्दे और 44 विद्यार्थियों वाले राउप्रावि फुलवाड़ीगुंठ पर गोमती नदी में होने वाले भू-कटाव के कारण संकट मंडरा रहा है। इन दोनों स्कूलों को राप्रावि नौघर और राउप्रावि बिनखोली में शिफ्ट किया जाएगा। पांच विद्यार्थियों वाले राप्रावि किलापखेत, नौ विद्यार्थियों वाले राउप्रावि काफलीकमेड़ा, पांच विद्यार्थियों वाले राप्रावि सेलकूना के पीछे भूस्खलन का खतरा और छत में जलभराव का डर बना हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से संचालन के लिए निशुल्क निजी भवन का चयन किया गया है। सात विद्यार्थियों वाले राप्रावि अमस्यारी के भवनों की छतों में पानी जमा होने की समस्या है। 10 विद्यार्थियों वाले राप्रावि कापड़ी और छह विद्यार्थियों वाले राप्रावि कीमू-लीती के कमरों में भूस्खलन के दबाव से दरारें आ चुकी हैं। इनका संचालन भी निशुल्क निजी भवनों में किया जाएगा। सात छात्र संख्या वाले राप्रावि गुरगुच्चा की छत जंगल की आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई थी जिससे बरसात में पानी टपकने की पूरी आशंका है। चार छात्रसंख्या वाले राप्रावि मल्लादेश बरसाती गधेरे के पास होने से पंचायत घर में स्थानांतरित किया गया है।