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प्राधिकरण के नियमों से मुश्किल हुआ घर बनाना

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बागेश्वर। विकास प्राधिकरण के नियमों से परेशान लोगों के लिए अपना घर बनाना मुश्किल हो गया है। पेंचीदा नियमों से परेशान लोगों ने अब विकास प्राधिकरण को निरस्त करने की मांग की है।

घर बनाने का प्रयास कर रहे लोगों की कोशिश में विकास प्राधिकरण के नियम अड़ंगा डाल रहे हैं। मकान निर्माण के लिए नियमों की दुहाई दे रहे प्रशासन से लोग खफा हैं। सरकार ने पूरे जिले में विकास प्राधिकरण लागू कर दिया है। जिससे नगर सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है। मकान निर्माण के लिए चारों ओर जगह छोड़ना, चौड़ा रास्ता, नाली आदि के जो नियम हैं उनका पालन करना पहाड़ की भौगोलिक परिस्थिति में संभव नहीं है। पूर्व पालिका सभासद नवीन साह, राज्य आंदोलनकारी महेश परिहार, विनोद पाठक समेत कई लोगों का कहना है कि विकास प्राधिकरण के नियमों के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मकान निर्माण के लिए लोगों को कई दिन तक कलक्ट्रेट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। प्राधिकरण को खत्म किया जाना चाहिए।
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पुराने मकानों का भी चालान
बागेश्वर। विकास प्राधिकरण द्वारा कई साल पहले बने मकानों का भी चालान किया जा रहा है। बीते दिनों महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष शारदा परिहार के दस साल पूर्व बने भवन का चालान कर उन्हें पेनाल्टी जमा करने का आदेश दिया गया है। ऐसे कई अन्य भी मामले हैं जिनका मकान बनने के कई साल बाद भी चालान किया जा रहा है। जिला विकास प्राधिकरण के सचिव राहुल गोयल का कहना है भवन निर्माण के नक्शे पास करने के लिए नियमों में काफी ढील दी जा रही है। साथ ही शुल्क भी कम कर दिया गया है। पुराने मकानों का चालान वाले विषय को देखा जा रहा है। भवन निर्माण करने वाले किसी भी ग्रामीण को परेशान नहीं किया जाएगा। ब्यूरो
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