बागेश्वर। मानसून जाते जाते बदरा जमकर बरस रहे हैं। लगातार बारिश से खड़ी धान की फसल को नुकसान हो रहा है। वहीं, कटाई का काम भी ठप पड़ा है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं।
सोमवार को भी जिले भर के भूभागों में बारिश का दौर जारी रहा। पिछले 24 घंटों के भीतर बागेश्वर में 17.5 एमएम, कपकोट में 12.5 एमएम जबकि गरुड़ विकास खंड में सर्वाधित 32.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। तीनों विकास खंडों में तीसरे दिन भी लगातार बारिश जारी रही। इससे तापमान में भी काफी गिरावट आई। बारिश से धान की खेती के लिए नुकसान का सबब बने हैं। इन दिनों जिले में धान की फसल लगभग तैयार है और कटाई का दौर चल रहा है। लेकिन पिछले तीन दिनों से जारी बारिश से कटाई का काम ठप पड़ा है। बारिश के पानी से तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। तमाम किसानों की काटी गई फसल खेत में खराब हो चुकी है।
तीन सड़कों पर दिनभर यातायात ठप
बागेश्वर। कपकोट विकास खंड की तीन सड़कों पर भूस्खलन और मलबा आने से दिनभर यातायात ठप रहा। इससे आवाजाही पर निर्भर ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी। प्रयासों केे बाद भी कार्यदायी संस्थाएं सड़कें नहीं खोल पाई। इससे ग्रामीण अंचलों का आपसी संपर्क टूटा रहा।
सोमवार को धरमघर-माजखेत, बैड़ा-मझेड़ा, भयू गडेरा सड़कों पर आए मलबे से यातायात ठप रहा। इन मार्गो पर आवाजाही पर निर्भर ग्रामीण यातायात सेवा से वंचित रहे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कार्यदायी संस्थाएं मार्ग खोलने में जुटी हैं। इधर, देर शाम भयू-गडेरा सड़क आवाजाही के लिए खुल गई। ब्यूरो