फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नियोजित विकास नहीं होने से अव्यस्थित हो रहा है बागेश्वर

विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। जिला मुख्यालय का नियोजित विकास नहीं होने से शहर अव्यवस्थित होने लगा है। हालत यह हो गए हैं कि संकरी गलियों से एक साथ दो लोगों का गुजरना भी मुश्किल हो गया है। पगडंडियों के किनारे खुली छोड़ी गईं पाइप लाइनें कभी भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। सड़कें अतिक्रमण के कारण पहले से ही संकरी हैं, उसमें भी नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों से हर कोई परेशान है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय में मास्टर प्लान लागू हुआ, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया। कई लोगों ने मंजूर नक्शों के अनुसार भवन निर्माण करने के बजाय मनमानी से निर्माण कार्य करवाया। मानकों की धज्जियां उड़ने से न तो चलने को रास्ता बचा है, न ही नालियों का ही निर्माण किया गया। पुराने जिला अस्पताल का इलाका हल्की बारिश में ही तलैय्या में तब्दील हो जाता है। वहां रास्ता भी काफी संकरा है। वहीं, ज्वालादेवी वार्ड में दो लोग आराम से आवागमन भी नहीं कर सकते हैं। सैंज, चौरासि का इलाका भी अव्यवस्थित होते जा रहा है। वार्डों के भीतर जाने वाले रास्ते काफी संकरे होने से वहां कूड़ा गाड़ी तक नहीं जा सकती है। अतिक्रमण और नो पार्किंग जोन में खड़े होने वाले वाहनों के कारण जाम लगना भी आम बात है।


बगैर नक्शे पास किए भवनों का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। मानकों का उल्लंघन हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नो पार्किंग जोन में खड़े होने वाले वाहनों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पुलिस को कहा जाएगा। इसके अलावा पाइप लाइन को कवर करने के लिए जल संस्थान को निर्देश दिए जाएंगे। - राहुल गोयल, अपर जिला अधिकारी, बागेश्वर।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें