बागेश्वर। शराब की दुकानों का आवंटन नहीं होने से सोमवार को जिले की शराब की सभी दुकानें बंद रहीं। हरकत में आए प्रशासन ने दुकानों के आवंटन प्रक्रिया तेज कर दी है। दुकानें बंद होने से प्रदेश सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा।
जिले में शराब की दुकानों का लाइसेंस 31 मार्च तक ही था। आबकारी विभाग को नए वित्तीय वर्ष के लिए दुकानों का आवंटन करना था लेकिन एक भी व्यापारी के आगे नहीं आने से दुकानों का आवंटन नहीं हो सका। तीन दिन पूर्व आबकारी विभाग ने दुकानों का आवंटन नहीं होने पर अग्रिम कार्यवाही के लिए दिशा निर्देश मांगे थे।
शासन से भी कोई निर्देश नहीं आने पर बागेश्वर जिले में दुकानों का आवंटन नहीं हो सका। आवंटन के अभाव में पहली अप्रैल को जिले की सभी दुकानें बंद रहीं। इससे प्रदेश सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा।
पहले आओ, पहले पाओ पर होगा आवंटन
लाइसेंस के लिए किसी भी व्यापारी की दिलचस्पी नहीं लेने के बाद आबकारी विभाग ने पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दुकानों का आवंटन करने का संकेत दिया है। आबकारी विभाग ने बताया कि जिले में सात अंग्रेजी व पांच देशी सहित शराब की 12 दुकानें हैं, जिनका आवंटन होना है।
जिले के बार भी बंद
नवीनीकरण के अभाव में जिले में शराब के दस बार भी सोमवार को बंद रहे। आबकारी विभाग ने बताया कि बार संचालकों ने नवीनीकरण का आवेदन किया है। उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। शहर में पांच बार संचालित हैं। जबकि जिले में कुल दस बार चल रहे हैं।
कोट : शराब की दुकानों का आवंटन नहीं होने के कारण एक अप्रैल को सभी दुकानें बंद रहीं। बागेश्वर शहर की एक अंग्रेजी शराब की दुकान के लिए एकमात्र व्यापारी ने आवेदन किया है। जिस पर आवंटन समिति विचार कर रही है। बार नवीनीकरण की प्रक्रिया भी चल रही है। - विवेक सोनकिया, जिला आबकारी अधिकारी