कौसानी (बागेश्वर)। क्षेत्र के एक अतिक्रमणकारी ने वन पंचायत छानी-ल्वेशाल में चीड़ के दो पेड़ काट डाले। वन पंचायत की भूमि में कौसानी नगर की गंदगी डालने से बांज के कई छोटेे पेड़ दब गए हैं। पेड़ों के अवैध कटान और कूड़ा करकट डालने से कोसी पुनर्जन्म कार्यक्रम को धक्का लगने का खतरा बढ़ गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने सोमेश्वर तहसील प्रशासन से पेड़ों को काटने और मलबा डालनेे वालों की पहचान कर उनके खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के एक अतिक्रमणकारी ने छानी-ल्वेशाल वन पंचायत क्षेत्र में चीड़ के दो पेड़ काट दिए हैं। प्रशासन को मामले की शिकायत के बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी तरह कौसानी नगर में कूड़ा डालने के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने से बाजार की गंदगी वन पंचायत क्षेत्र में डाली जा रही है जिससे अब तक बांज के कई छोटे-छोटे पौधे मलबे में दब गए हैं। गंदगी से मवेशियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। बरसात के दिनों पानी के साथ गंदगी बहकर आने से खेतों में बोई शाक भाजी और अनाज की फसल भी खराब हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से पेड़ों को कटने से बचाने और वन पंचायत क्षेत्र में कूड़ा करकट नहीं डालने की मांग कई बार कर दी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि पेड़ों के अवैध कटान में लिपत तत्वों और वन पंचायत को नुकसान पहुंचाने वालों का जल्द पता लगाया जाए। चेतावनी देने वालों में ग्राम प्रधान हरीश राम, बीडीसी सदस्य आनंदी आर्या, सरपंच चंदन सिंह दोसाद, पूर्व प्रधान जानकी दोसाद, महिला मंगल दल की अध्यक्ष गंगा देवी आदि शामिल हैं। सोमेश्वर के वन राजि अधिकारी बीएल आर्या ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। वह शीघ्र मौके पर जाकर मामले की जांच करेंगे।