बदरीनाथ राजमार्ग पर नंदप्रयाग के पास दिन में एक बजे पहाड़ी से बडे़-बडे़ बोल्डर आ जाने से करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
इसके चलते लोगों को मीलों दूरी पैदल नापनी पड़ी। थिरपाक से मैठाणा जा रही बारात भी करीब पांच किमी पैदल गई। दो घंटे बाद तीन बजे हाईवे वाहनों के लिए खुल पाया।
प्रथाडीप भूस्खलन क्षेत्र तीर्थयात्रा के दौरान भी कई बार बाधित रहा। यहां पर वर्ष 1999 से लगातार भूस्खलन हो रहा है। रविवार को सुबह से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही हो रही थी कि अचानक दोपहर में पहाड़ी से छिटककर बोल्डर हाईवे पर आग गए।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जेसीबी ने बोल्डरों और मलबे को हटाकर हाईवे को वाहनों की आवाजाही लायक बनाया।