समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपनी तीसरे चरण की 'जनतंत्र यात्रा' में जनता से जनतंत्र की बहाली के लिए देश और समाज सेवा को संकल्पित सिपाही मांगे।
समाजसेवी अन्ना हजारे की तीसरे चरण की जनतंत्र यात्रा मंगलवार को तीर्थनगरी से शुरू हो गई।
इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए अन्ना ने कहा कि देश को आजादी मिली, मगर जनतंत्र बहाल नहीं हो पाया।
प्रजातंत्र की स्थापना की बजाए पार्टी और पक्षतंत्र हावी हो गया। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार की जड़ बताया।
जनसभा में अन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया था कि लोकपाल बिल बनाया जाएगा लेकिन दो साल से लोकपाल बिल को मंजूरी नहीं दी गई। अन्ना ने इसे देश के साथ धोखाधड़ी करार दिया।
उन्होंने कहा कि वह देश की 120 करोड़ जनता में सोए लोगों को जगाने के लिए जनतंत्र यात्रा पर निकले हैं। कहा कि मुझे जनतंत्र की स्थापना के लिए छह करोड़ लोगों की जरूरत है।
अन्ना ने कहा कि संविधान में व्यक्ति को मान्यता मिली है, पार्टी को नहीं। फिर लोग पार्टी को देखकर व्यक्ति को क्यों मत देते हैं?
इससे पहले हरिद्वार में देव संस्कृति विवि में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन तभी होगा जब आदर्श ग्रामों का निर्माण हो जाएगा।
कोकाकोला के प्लांट के विरोध में अन्ना
जनतंत्र यात्रा के दौरान छरबा गांव पहुंचे अन्ना हजारे ने ग्रामीणों को कोकाकोला प्लांट के विरोध का भरोसा दिलाया। हालांकि संबोधन के दौरान मंच से उन्होंने प्लांट के विरोध में कुछ नहीं कहा।