प्रदेश सरकार के मुखिया अखिलेश यादव के बजट को किसानों ने छलावा बताया है। पूरे बजट में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए ही हित सोचा गया है। पश्चिमी उप्र के किसानों के लिए कोई राहत की उम्मीद नहीं है। किसानों का कहना है कि पश्चिमी उप्र में भी किसानों पर आपदाएं आई हैं। लेकिन सरकार सिर्फ किसानों को सिर्फ मरहम लगाने का काम कर रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों के हाथों में खेल रही है। पूरा बजट उद्योगपतियों का हित देखकर बनाया गया है। भाकियू अराजनैतिक असली के जिलाध्यक्ष महावीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की समस्याओं पर गंभीर नहीं है।
गन्ना बेल्ट के किसान परेशान हैं उनकी समस्याओं को बजट में कोई राहत नहीं दी गई है। बुंदेलखंड की तरह पश्चिमी उप्र में भी जिन किसानों ने आर्थिक तंगी में आत्महत्या की हैं उन्हें भी राहत दी जाए। आपदा राहत भी बांटी जाए।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उप्र के प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बजट को छलावा करार दिया है। भाकियू के वरिष्ठ नेता मास्टर हरज्ञान सिंह ने प्रदेश सरकार पर किसानों को मजदूर बनाने का आरोप लगाया। गन्ना किसानों के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं करके सरकार ने किसान विरोधी साबित कर दिया है।
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सपा ने सराहा, विरोधियों ने नकारा
प्रदेश सरकार का बजट किसानों के लिए छलावा है। प्रदेश सरकार किसानों को सिर्फ लालीपाप दिखा रही है। सिर्फ चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार ने किसान का जिक्र बजट में किया है। -डा. हरिसिंह ढिल्लो, वरिष्ठ भाजपा नेता/ पूर्व एमएलसी
प्रदेश सरकार ने बजट में वैट बढ़ाकर अच्छा नहीं किया है। पश्चिमी उप्र के लिए न कोई मेडिकल कालेज न कृषि विश्वविद्यालय ही मिला है।-सुखराज सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
सपा सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। अब अगले वर्ष चुनाव है इसलिए बजट में सिर्फ घोषणाएं करके जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। प्रदेश की जनता सपा सरकार को सबक सिखा देगी।-शेरसिंह बौद्ध, जिलाध्यक्ष, बसपा
प्रदेश सरकार ने लोकलुभावन बजट पेश किया है। इससे हर तबके को फायदा मिलेगा। किसानों के लिए भी विशेष हित देखा गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का यह बजट बेहतर बजट है। विजय पाल सैनी, जिलाध्यक्ष, सपा