उत्तर भारत का ऐतिहासिक तिगरी गंगा धाम मेला शुरू हो गया है। लेकिन, प्रशासन की तैयारियां पूरी नहीं हो पाईं हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन अभी तक मूलभूत सुविधाओं की तैयारियां को अंतिम रूप नहीं दे सका है।
आलम यह है कि पुलिस के आला अधिकारी हों या प्रशासन के अधिकारी, अधिकारियों का अधिकतर समय सिर्फ बैठकों में गुजर रहा है।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा धाम मेला में बीस लाख से अधिक श्रद्धालु हर साल गंगा में डुबकी लगाते हैं। मेले में श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने और सुरक्षा के लिए जिला पंचायत और प्रशासन एक माह पहले से तैयारियां शुरू कर देता है।
इसके बावजूद आलम यह है कि तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। इतना ही नहीं मेले में दुकानदार भी डेरा डालने लगे हैं। श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो गया है।
प्रशासन सिर्फ यह मान कर तैयारी कर रहा है कि मेला 24 और 25 नवंबर को भारी चलेगा। यह बात दीगर है कि कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 24 की देर रात 12 बजे के बाद शुरु हो जाएगा।
तिगरी गंगा धाम मेले में प्रशासन की महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नही हैं। पुलिस की बैठक में सिर्फ छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने पर जोर दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए आठ घाट बनाए गए हैं। ऐसे में लाखों की भीड़ रहेगी। श्रद्धालु आने लगे हैं, लेकिन अभी तक महिलाओं के लिए किसी भी घाट पर शौचालय नहीं बनाया गया है।