न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने विधवा भाभी को पीटकर घायल करने के मामले में दो सगे भाइयों को ढाई-ढाई वर्ष की सश्रम कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव चकिया निवासी नत्थुवा ने अपने दिवंगत बेटे रईसुद्दीन के बच्चों को छोड़कर नौ बीघा जमीन दो बेटे तौहीद और इदरीश के नाम कर दी थी। 22 अगस्त 2013 को जब रईसुद्दीन की विधवा अनीसा ने अपना हिस्सा मांगा, तो तौहीद और इदरीस ने घर में घुसकर अनीसा को पीटकर घायल कर दिया था।
घटना से छह माह पहले रईसुद्दीन की मृत्यु हो गई थी और उसके सात छोटे-छोटे बच्चे थे। जिनका भरण पोषण किसी तरह अनीसा को करना पड़ रहा था। महिला की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दोनों भाइयों को जेल भेज दिया था, जो कुछ समय बाद जमानत पर छूट कर आ गए थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने मामले की सुनवाई में दोनों भाइयों पर दोष सिद्घ किया और ढाई-ढाई वर्ष सश्रम कैद, पंद्रह-पंद्रह सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्तों को अपील की अवधि तक जमानत दे दी गई है।