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मेघनाद की शक्ति लगते ही मूर्छित हुए लक्ष्मण

Tue, 20 Oct 2015 11:47 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
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श्रीराम लीला महोत्सव में कलाकारों ने अंगद-रावण संवाद, रामेश्वर स्थापना, लक्ष्मण मुर्छा की लीला का मंचन किया। लक्ष्मण की मुर्छा पर भगवान राम का विलाप देख श्रद्धालु भी द्रवित हो उठे।
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श्रीधार्मिक रामलीला कमेेटी के तत्वावधान में हिंदू इंटर में चल रही रामलीला में कलाकारों ने मंचन करते हुए दिखाया कि भगवान राम संधि के लिए अंगद को रावण के दरबार में भेजा। अंगद ने रावण को समझाया कि भगवान राम साक्षात परब्रहम हैं। सीता को वापस कर राम से संधि में ही उसका कल्याण संभव है, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ।

युद्ध न टलता देख लंका विजय के लिए भगवान राम ने विधि विधान से भगवान शिव की पूजा कर रामेश्वरम की स्थापना की। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध की लीला का मंचन हुआ। लक्ष्मण के  बाणों के प्रहार से प्राण पखेरू उड़ते देख मेघनाद ने वीर घातिनी शक्ति से लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया।
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राम दल में विलाप होने लगा। सुषेन वैद्य के बताने पर संजीवनी बूटी लेने जाते कालनेमि ने हनुमान का मार्ग अवरुद्ध किया। हनुमान उसका वध कर संजीवनी बूटी लेकर आए। लक्ष्मण राम-राम कहते हुए उठ खड़े हो गए। रावण के कहने पर युद्ध करने आए महाप्रतापी कुंभकर्ण के प्रहारों से राम की सेना में भगदड़ मच गई। वानर जान बचाने दौड़ने लगे।

भगवान राम ने बाणों की बौछार कर उसका वध कर दिया। कुंभकर्ण के वध से देवताओं ने फूलों की वर्षा की। रमेश चंद्र गोयल, नीरज सरन अग्रवाल, अजय कुमार अग्रवाल सर्राफ, कुंवर विनीत अग्रवाल, रविराज सरन, अशोक कुमार गुप्ता, हरि नारायण रघुवंशी, नाथुराम शर्मा , विशाल गोयल आदि का सहयोग रहा।

उधर नौगावां सादात क्षेत्र के रामपुर जुन्नारदार गांव में मंचन करते हुए दिखाया कि मेघनाद द्वारा छोड़ी गई अमोघ शक्ति से लक्ष्मण मूर्छित हो गए। राम की सेना में शोक छा गया। वैद्य सुषैन के बताने पर संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को सही किया गया। इस मौके पर कावेंद्र सिंह, अनिल कुमार, सत्यप्रकाश, प्रेमपाल सिंह, मिथुन, प्रियांशु, हरपाल सिंह, रोबिन सिंह आदि का सहयोग रहा।
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