मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार देर शाम आसमान में काली घटाएं घिर आईं, जल्द ही बारिश होने लगी। तेज हवा से कई जगह बिजली के खंभे उखड़ गए। इससे कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आलम ये था कि सड़क किनारे ठेले लगाए दुकानदार सड़क पर दौड़ने लगे। धनौरा हाईवे पर कुछ देर के लिए वाहनों की रफ्तार थम गई। बीएसएनएल सेवा पर भी असर पड़ा।
शनिवार सुबह आठ बजे बारिश के बाद मौसम साफ हो गया था, चिलचिलाती धूप निकली। शाम पांच के बजे बाद फिर काली घटा घिर आई। देर शाम साढ़े सात बजे फिर आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी से सड़कों पर धूल उड़ने के साथ ही पेड़ की टहनियां जमीन से छूने लगीं। धनौरा रोड पर सड़क किनारे खड़े ठेले व खोमचे वालों के तिरपाल-टीन आदि सामान सड़क पर बिखर गए।
नेशनल हाईवे पर होर्डिंग्स उखड़ गए। हसनपुर रोड पर कई जगह पेड़ गिरे। हालांकि जनहानि की सूचना नहीं मिली है। इतना ही नहीं बिजली के खंभे गिरने से लाइनें टूट गईं, जिससे नगर की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। अवर अभियंता विनीत कुमार ने बताया कि गजरौला के भानपुर, सुल्ताननगर, फाजलपुर समेत करीब 10 से 12 स्थानों पर बिजली के पोल गिरने की सूचना मिल रही है।
मौसम की खराबी की वजह से रात भर आपूर्ति ठप रहने की आशंका है। ट्रांसमिशन के अवर अभियंता सोहनलाल पारिंद्रा ने बताया कि सिम्भावली से 132 केवी को बिजली दी जाती है। मौसम की खराबी की वजह से सिम्भावली से ब्रेकडाउन ले लिया गया है, फिलहाल नगर में पोल गिरने से रात में आपूर्ति ठप रहने की आशंका है।
नेशनल हाईवे पर कार पर गिरा बीकानेर का बोर्ड
गजरौला। गजरौला के टीचर कालोनी निवासी अखिलेश पुत्र सुरेंद्र कार से अपने मित्र गौरव सिद्घू, विवेक शर्मा, अनिकेत रजबपुर से गजरौला आ रहा था। कार अखिलेश ड्राइव कर रहा था। बीकानेर रेस्टोरेंट के पास जब कार पहुंची। उसी समय आंधी के चलते रेस्टोरेंट का बोर्ड कार पर जा गिरा। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही हादसा टल गया। कार में बैठे लोगों को मामूली चोट आई है।