जिले में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 13 अक्तूबर को चुनाव निपटते ही डिडौली कोतवाली के गांव पूरनपुर में जेसीबी गरजने लगी है। दिन-रात मिट्टी का खनन हो रहा है। इससे पूरनपुर की ऐतिहासिक झील के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है।
पूरनपुर में ऐतिहासिक झील का अस्तित्व संकट में है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की सांठगांठ से पूरनपुर में जमकर खनन चल रहा है। पंचायत चुनाव के कारण कुछ दिन खनन नहीं हुआ था, लेकिन 13 अक्तूबर के बाद खनन ने तेजी पकड़ ली है। बताया जा रहा है कि डिडौली कोतवाली के में रोजाना जेसीबी से खनन कराया जा रहा है।
ट्रैक्टर और ट्रालियां दौड़ाई जा रही हैं। लेकिन, पुलिस आंखें बंद करके बैठ गई है। एक भी ट्रैक्टर-ट्राली नहीं पकड़ी गई है। पूरनपुर में पहले से ही जमीन खोखली हो चुकी है। पिछले दस दिन से और स्थिति खराब हो चुकी है। ग्रामीणों की शिकायत पर भी अधिकारी खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं।
पंजू सराय में खनन जारी
नौगावां सादात के गांव पंजू सराय में भी खनन पर अंकुश नहीं लगा है। मूड़ाखेड़ा पुलिस चौकी के सामने से ही खनन के ट्रैक्टर-ट्रालियां गुजर रहे हैं, लेकिन पुलिस आंखें बंद किए हुए हैं। सैदपुर इम्मा गांव के अधिकांश लोग खनन से जुड़े हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।