गजरौला। बिजली के बिल इन दिनों नगर के उपभोक्ताओं को झटके दे रहे हैं। बिजली महकमे के स्टाफ की लापरवाही का यह आलम है कि, नगर में जारी बेतहाशा कटौती के बाद भी किसी को डेढ़ लाख रुपये तो किसी को साढ़े तीन लाख रुपये बिल भेजा जा रहा है। इस पर बकाया के नाम पर कांशीराम कालोनी के उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने से गुरुवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज महिलाओं ने बिजलीघर पहुंचकर एसडीओ का घेराव कर दिया। काफी देर तक हंगामा होता रहा। महिलाओं ने लाइन जोड़ने की मांग की, हालांकि एसडीओ ने इससे इंकार कर दिया।
कांशीराम कालोनी के निवासियों का बिजली का लाखों में बकाया बताया जा रहा है। इस पर बिजली विभाग ने कालोनी का कनेक्शन काट दिया। तीन दिन से बिजली न होने से कालोनी में अंधेरा छाया हुआ है। रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। गुरुवार को महिलाएं कार्यालय पहुंच गईं और बिजली विभाग के एसडीओ का घेराव कर दिया। कई महिलाओं ने अपना बिल जमा होने की रसीद भी दिखाई और महिलाओं ने कनेक्शन जोड़ने की मांग की है। एसडीओ ने इससे साफ इनकार कर दिया है। कालोनी की महिलाओं सावित्री शर्मा, कविता गुप्ता, बागेश शर्मा, रागिनी सक्सेना, सबीना आदि का कहना है कि हमने विभागीय अधिकारी से एक माह का समय मांगा है। एक माह में थोड़ा थोड़ा करके बकाया जमा कर दिया जाएगा। लेकिन विभाग लाइन जोड़ने को तैयार नहीं हैं।
85 उपभोक्ताओं पर है दस लाख रुपये बकाया
गजरौला। कांशीराम कालोनी में बिजली विभाग के कुल 85 उपभोक्ता हैं। विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इन उपभोक्ताओं पर दो साल से अधिक का बकाया है। करीब आठ से दस लाख रुपये का बकाया उपभोक्ताओं पर है।
जिन ट्रांसफार्मरों पर 70 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं पर बकाया है उनका समूह में सप्लाई रोकने के निर्देश महाप्रबंधक की ओर से दिए गए हैं। कांशीराम कालोनी के 95 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर बकाया है। इन उपभोक्ताओं को कहा गया कि वह 70 फीसदी बकाया का भुगतान कर दें। लेकिन उनका कहना है कि वह आर्थिक रूप से इतना सशक्त नहीं हैं। हम 50 फीसदी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति ले सकते हैं। लेकिन उपभोक्ता 50 फीसदी जमा करने के लिए भी राजी नहीं हैं। इसलिए बिजली काट दी गई है। बकाया पूरा होने पर सप्लाई सुचारू की जाएगी।
एसपी सिंह, एसडीओ गजरौला।
अवैध कनेक्शन होने पर अवंतिका नगर में आपूर्ति रोकी
गजरौला। अवंतिका नगर में चार दिन से आपूर्ति नहीं दी जा रही है। बिजली विभाग से इस बाबत जानकारी ली गई तो मालूम हुआ कि नगर पंचायत ने अवैध रूप से लाइन बना दीं। महकमे को इसकी जानकारी मिली तो आपूर्ति काट दी गई। एसडीओ ने बताया कि अवंतिका नगर निजी बिल्डर की डेवलप कालोनी है। नियमानुसार बिल्डर बिजली विभाग को प्रस्ताव भेजकर 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज जमा करे। नगर पंचायत को नई लाइनें खींचने का कोई अधिकार नहीं है। अवैध लाइन होने के कारण आपूर्ति रोक दी गई है।