अमरोहा। इलाके में डेंगू तेजी से असर दिखाने लगा है। टीजीटी उत्तीर्ण एक स्कूल की शिक्षिका की मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मचा है। उधर, तेजी से बढ़ते डेंगू के मामलों पर प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे की चुप्पी से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताते चलें कि जनपद में पिछले कुछ दिनों में डेंगू के मामले तेजी से बढ़े हैं। किंतु स्वास्थ्य महकमा और न ही प्रशासनिक स्तर पर अफसर और डाक्टर मामले में मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। अहम पहलू यह है कि स्वास्थ्य महकमा भी डेंगू के मरीजों को कागज पर आशंका दर्ज करके मेरठ और दिल्ली रेफर कर रहा हैे। इस क्रम में आवास विकास-टू में रहने वाले विकास विभाग के पंचायत सेक्रेटरी ओमप्रकाश की पुत्री अल्का (24) कुछ रोज से तेज बुखार से पीड़ित थी।
निजी डाक्टर ने डेंगू के लक्षण देखकर उसे मेरठ रेफर कर दिया। लगातार प्लेटलेट्स कम होने पर उसकी हालत बिगड़ती गई और देर रात उसने वहीं अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मौत से परिजनों में मातम छा गया। दूसरे दिन शव घर पहुंचते ही परिजनों की चीत्कारों से माहौल गमगीन हो गया। पिता ओमप्रकाश के मुताबिक डाक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की थी। प्लेटलेट्स नहीं बढ़ने से उसकी हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। उधर, शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले लोगों में फागिंग और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर नगर पालिका व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।