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भितरघात से चुनाव पिच पर बदलेगा राजनीति का मैच

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अल्मोड़ा में चाय की एक दुकान में चाय की चुस्कियों के बीच राजनीति पर चर्चा करते लोग - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के नामांकन कराने के साथ ही चाय के नुक्कड़ों पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। चाय के तलबगार यही कहते सुने गए कि टिकट नहीं मिलने से अपनी ही पार्टी से बगावत करने वाले नेता कुर्सी हथियाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। इन नेताओं के भितरघात से चुनावी पिच में राजनीति का मैच रोमांचकारी होगा।
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बृहस्पतिवार को नगर में एक चाय के नुक्कड़ पर दोपहर के वक्त कुछ लोग चाय पी रहे थे। एक सज्जन ने चाय की एक घूंट मारी और बोले, कुर्सी का ख्वाब देखने वाले नेताजी का टिकट क्या कटा उन्होंने तो अब अपने ही घर में हंगामा कर दिया। टिकट करने से बौखलाए नेता अब क्या चाल चलेंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इतना जरूर है कि बागी चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। इतने में एक दूसरे सज्जन कहने लगे जैसे इन दिनों मौसम बेईमान है वैसे ही नेता भी। नेताजी का टिकट कटा तो उन्होंने अपना घर (पार्टी) ही छोड़ गई और अब दूसरे घर (पार्टी) में सेंध लगा रहे हैं। इन नेताओं को जनता का फिक्र कम अपनी कुर्सी की चिंता ज्यादा सता रही है। गांव में बिजली, पानी और स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं पर इन नेताओं को इससे क्या लेना देना। उन्हें तो बस अपनी कुर्सी की चिंता हैं। एक तीसरे सज्जन कहते हैं कि चुनावी मौसम में नेताओं के सुर ही बदल रहे हैं। चाय पीते हुए पंकज कहने लगे बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है पर नेताओं को इससे कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्हें अपने रोजगार (विधायक) बनने की चिंता है। इतने में रमेश कहने लगे दाज्यू अब तो राजनीति ही ऐसी हो गई है जिसे देखो अपने बारे में सोचता है। गिरीश कहने लगे नेताजी को गांव की कोई चिंता नहीं है।
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