जागेश्वर (अल्मोड़ा)। राष्ट्रीय खेलों के तहत अल्मोड़ा पहुंचे योगासन के खिलाड़ियों में से राजस्थान और उड़ीसा के योगासन खिलाड़ियों का एक दल सोमवार को जागेश्वरधाम के दर्शन करने पहुंचा।
ये 11 खिलाड़ी राजस्थान टीम के कोच गजराज सिंह और उड़ीसा के टीम कोच आलोक स्वामी के नेतृत्व में यहां पहुंचे। यहां पंडित कैलाश चंद्र भट्ट के मंत्रोच्चार के बीच कोच के साथ खिलाड़ियों ने पूजा-अर्चना की। ऐतिहासिक मंदिर समूह को देख खिलाड़ी गदगद हुए।
अल्मोड़ा में योगासन खेल के उद्घाटन के मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को जागेश्वरधाम और चितई ले जाकर यहां की संस्कृति से रूबरू कराने की बात कही थी।
इसी क्रम में सोमवार को युवा कल्याण विभाग के कमल कांत और सागर मनराल की अगुवाई में कोच और खिलाड़ी जागेश्वरधाम पहुंचे। राजस्थान टीम के कोच गजराज सिंह ने कहा कि जागेश्वर स्वयं भगवान शिव का साक्षात स्वरूप है। उन्होंने कहा कि अब वे यहां अगली बार परिवार समेत दर्शन को पहुंचेंगे। अन्य खिलाड़ी भी जागेश्वर के दर्शन कर काफी प्रभावित हुए।
कोचों व खिलाड़ियों को जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से पुजारी प्रतिनिधि नवीन चंद्र भट्ट ने जागेश्वरधाम का प्रतीक चिह्न भेंट किया। प्राचीन मंदिर समूह को देखकर खिलाड़ी काफी खुश हुए। उन्होंने इनके बारे में कई जानकारियां भी बटोरीं।
इस मौके पर पटवारी सुरेश अंडोला, पुलिस कर्मी महेंद्र पाल सिंह, मोहित भट्ट, राजू राणा, रोहित नाथ आदि समेत मंदिर के पुजारी मौजूद रहे। इससे पूर्व खिलाड़ियों ने जागेश्वर जाते वक्त प्रसिद्ध चितई मंदिर के दर्शन किए।