आल्पस फैक्ट्री से हटाए गए छह श्रमिक पातालदेवी में फैक्ट्री गेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। श्रमिक बिना शर्त काम पर वापस लेने, श्रम कानूनों का पालन करने की मांग कर रहे हैं। जल्द मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने अनशन की धमकी दी है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने उन्हें बिना कारण बताए फैक्ट्री से निकाल दिया है। जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर तानाशाहपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य श्रमिकों में भी नौकरी से निकाले जाने का भय है। उन्होंने कहा कि काम के दौरान श्रमिकों को हुई शारीरिक क्षति का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।
चेतावनी दी कि यदि निकाले गए श्रमिकों को तत्काल काम पर वापस नहीं लिया जाता है और श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जाता है तो अनशन शुरू कर दिया जाएगा। धरने में अशोक कुमार साह, भावना वर्मा, शेखर जोशी, माधवी देवी, जानकी ऐरी, नरेंद्र जीना आदि शामिल थे। इधर श्रमिकों के आंदोलन को आरडीएफ के प्रदेश अध्यक्ष जीवन चंद्र, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की रेखा धस्माना, एचएस बिष्ट आदि ने समर्थन जताया है।