जिले में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र भर में बारिश का सिलसिला जारी रहा। बुधवार को पूरी रात रुक-रुककर मेघ बरसते रहे। बृहस्पतिवार को सुबह बूंदाबांदी हुई। जबकि पूरा दिन सूरज और बादलों की आंखमिचौली का खेल चलता रहा। बारिश के बीच जहां बढ़ती गर्मी और दावानल की घटनाओं से निजात मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। वहीं बारिश के बीच अप्रैल माह में भी ठंड का एहसास होने लगा है।
बीते बुधवार को दिन में कई बार हुई बारिश के बाद देर रात एक बार फिर मेघ बरसने शुरू हो गए। पूरी रात कभी झमाझम तो कभी बूंदाबांदी का सिलसिला चलता रहा। रात भर रुक-रुककर बारिश होने के बाद बृहस्पतिवार सुबह भी आसमान घने बादलों से भरा रहा। हालांकि सुबह भी कुछ देर बारिश हुई फिर हल्की धूप खिली। वहीं बाद में एक बार फिर आसमान घने बादलों से भर गया।
लगातार हो रही बारिश के बीच तापमान में आठ से 10 डिग्री तक गिरावट हुई है। वहीं अप्रैल में सर्दियों जैसी ठंड होने लगी है। लोगों ने एक बार फिर से गर्म कपड़े निकाल दिए हैं। इधर आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा नगर क्षेत्र में कुल 21.5 एमएम बारिश हुई। जनपद में कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे हैं। तोली, जागेश्वर, आरतोला, मनीआगर आदि जगहों पर हल्की ओलावृष्टि हुई है।
द्वारसौं और दूनागिरी क्षेत्र में ओलावृष्टि, फल-फसल को नुकसान
रानीखेत/द्वाराहाट। बुधवार रात हुई बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली लेकिन इस दौरान कई स्थानों पर जमकर ओले भी बरसे। रानीखेत के द्वारसौं क्षेत्र में ओलावृष्टि के चलते खड़ी फसलों, साग-सब्जी को काफी नुकसान पहुंचा है। द्वाराहाट के दूनागिरी, बिंता क्षेत्र में ओलावृष्टि से साग-सब्जी, फल, गेहूं, जौ की फसल, धनिया, मटर को नुकसान हुआ है। द्वाराहाट सहित दूनागिरी क्षेत्र के अंतर्गत दुधोली, नायल, बिंता आदि क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि से खुबानी, प्लम, आड़ू आदि फलों को भी नुकसान पहुंचा है। सारे फल ओलावृष्टि के कारण गिर गए हैं।
वहीं गेहूं की खड़ी फसल भी खराब हो गई है। टोढरा के प्रधान त्रिभुवन चंद तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह बिष्ट, जोगा राम, कैलाश चंद्र, केवल राम, किशन राम, नवीन चंद्र आदि ने प्रशासन से दूनागिरी क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेने की मांग की है। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इधर, बारिश के कारण नाले, गधेरे भी उफान पर आ गए। रानीखेत-हल्द्वानी स्टेट हाईवे पर तमाम स्थानों पर मलबा आ गया जिस कारण वाहनों को आवाजाही में परेशानी हुई। (संवाद)
बागेश्वर, कपकोट, गरुड़ में हुई जमकर बारिश
बागेश्वर। बागेश्वर में बुधवार की रातभर बारिश होती रही। बागेश्वर में 17.50, कपकोट में 15 और गरुड़ में 12.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। कृषि विज्ञानी बारिश को बुवाई के लिए मुफीद मान रहे हैं।
बुधवार रात करीब 10 बजे से बृहस्पतिवार सुबह तक बागेश्वर, कपकोट, गरुड़ क्षेत्र में बारिश होती रही। बागेश्वर में रात को काफी तेज बारिश थी। बृहस्पतिवार की सुबह तक बारिश का सिलसिला जारी था। सुबह 11 बजे के बाद बादल छंटने से धूप निकल आई थी। लंबे समय बाद अच्छी बारिश होने से जमीन को काफी नमी मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर (बागेश्वर) के प्रभारी अधिकारी डॉ. कमल कुमार पांडेय का कहना है कि बारिश मक्का, मडुवा आदि की बुवाई के लिए मुफीद है। फल और सब्जी के लिए लाभदायक है। गेहूं की खड़ी फसल पर अब तक खराब प्रभाव नहीं पड़ा है। आने वाले दिनों में यदि और बारिश होती है तो जो गेहूं कटा नहीं है, उसके काला पड़ने की संभावना है। (संवाद)
रिखाड़ी में आंधी-तूफान से मकान की छत उड़ी
बागेश्वर/कपकोट। बुधवार की शाम को आंधी-तूफान से कपकोट विकासखंड के रिखाड़ी में एक मकान की टिन की छत उड़ गई। लोगों ने प्रभावित को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
बुधवार शाम को रिखाड़ी क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान आया। इसकी चपेट में आने से रिखाड़ी निवासी हिम्मती देवी पत्नी गोविंद राम के मकान की टिन की छत उड़कर दूर जा गिरी। मकान की छत उड़ने से परिवारजनों को दूसरे के मकान में शरण लेनी पड़ी। बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान तारा टाकुली, सामाजिक कार्यकर्ता जगत टाकुली ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। प्रधान ने घटना की सूचना राजस्व विभाग को दी है। उन्होंने प्रभावित महिला को मकान की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं गांव के लोगों की सहायता से महिला ने मकान की छत मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। (संवाद)
लीती क्षेत्र में बुधवार की शाम से बिजली नहीं, लोग परेशान
बागेश्वर। कपकोट विकासखंड के दूरस्थ गांव लीती, हाम्टीकापड़ी, रातिरकेठी, गोगिना क्षेत्र में बुधवार की शाम से बिजली नहीं है। करीब चार हजार की आबादी को बुधवार की रात बगैर बिजली के काटनी पड़ी। इलाके में मंगलवार की रात भी बिजली नहीं थी। बुधवार दोपहर बिजली बहाल हुई लेकिन शाम को एक बार फिर व्यवधान आ गया। बिजली अव्यवस्था को लेकर लोगों में रोष है।
लीती क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति पिथौरागढ़ जिले से होती है। क्षेत्र को डीडीहाट और बेरीनाग की लाइन से जोड़ा गया है। लीती की सामाजिक कार्यकर्ता धना कोरंगा का कहना है कि अक्सर बिजली व्यवस्था में व्यवधान आता है। मंगलवार को भी क्षेत्र में बिजली नहीं थी जो बुधवार दोपहर में बहाल हुई। बुधवार की शाम करीब पांच बजे एक बार फिर बिजली गुल हो गई। उन्होंने लीती क्षेत्र को बागेश्वर से बिजली की आपूर्ति करने की मांग की है।
संचार के लिए भी पिथौरागढ़ पर निर्भरता
बागेश्वर। गौरतलब है कि शामा, लीती क्षेत्र को संचार सेवा भी पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट से मिलती है। डीडीहाट के बैकुंठधाम में लगे बीएसएनएल के टावर से शामा के टावर को लिंक किया गया है। टावरों में जनरेटर की सुविधा न होने से बिजली गुल होते ही संचार सेवा भी बाधित हो जाती है। बुधवार की शाम से इलाके में संचार सेवा भी ठप है।
लीती क्षेत्र को पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट और बेरीनाग से बिजली की आपूर्ति होती है। दोनों क्षेत्रों से आने वाली लाइन पर पेड़ गिरने की सूचना मिली है। मरम्मत का काम जारी है। देर रात तक बिजली बहाल होने की संभावना है। अजय जोशी कनिष्ठ अभियंता यूपीसीएल शामा
रानीखेत के द्वारसौं में ओलों ने इस तरह से रौंदी लहसुन की पौध। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RANIKHET