कार्यक्रम में मंचासीन मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य।
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अल्मोड़ा। विवेकानंद के विचारों की वर्तमान में प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान देते हुए गुजरात रामकृष्ण आश्रम के अध्यक्ष स्वामी निखिलेश्वरानंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन का प्रत्येक पहलू युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। स्वामी निखेलश्वरानंद शिकागो में जीआईसी में स्वामी के ऐतिहासिक भाषण की 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रामकृष्ण कुटीर और कुविवि नैनीताल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विचार रख रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुशासन व्यक्ति का आभूषण है और अनुशासन में रहने वाले व्यक्ति को ही जीवन में सफलता मिलती है।
मुख्य अतिथि सात बार एवरेस्ट की चोटी फतह करने वाले पद्मश्री लवराज सिंह धर्मसत्तू ने माउंटेनिंग पर चर्चा करते हुए युवाओं से ऊर्जा और सामर्थ्य को सही दिशा में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ का जीवन काफी कठिनाई भरा है और इसी कठिन जीवन में ही तपकर व्यक्त्वि निखरता है। अद्वैत आश्रम लोहाघाट के स्वामी शुद्धिदानंद ने आत्मा की शुद्धि पर विचार रखते हुए कहा कि यौवन काल में सही मार्गदर्शन जरूरी है। प्रबुद्ध भारत के संपादक स्वामी नरसिंहम्हानंद ने विद्यार्थियों से समय का पालन करने और अध्ययन पर करने पर जोर दिया।
इस दौरान बच्चों ने भाषण प्रतियोगिता में भी भाग लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
रामकृष्ण कुटीर के अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंद ने सभी अतिथियों का आभार जताया। अध्यक्षता कुलपति कुविवि प्रो.केएस राना ने की और संचालन डॉ. सीपी फुलोरिया और डॉ. दिवा भट्ट ने किया। इस दौरान 42 स्कूलों के विद्यार्थी मौजूद थे। जबकि बच्चों द्वारा सौ से अधिक आलेखों का वाचन किया गया।