पत्रकार वार्ता करते उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी साथ में अन्य पदाधिकारी।
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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने पंचेश्वर बांध का विरोध जताया है। पार्टी ने 2022 में प्रदेश में राजनीतिक विकल्प देने का इरादा जताया है और केंद्र की भाजपा सरकार पर कांग्रेस की नीतियों का अनुसरण करने का आरोप जड़ा है। पार्टी ने एक सितंबर से नौ नवंबर तक जन अभियान छेड़ने का फैसला किया है।
यहां दो दिन के सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि लोगों को बोलने, चलने और अपनी आवाज उठाने की आजादी नहीं मिल रही है। केंद्र की भाजपा सरकार पूर्व की कांग्रेस सरकार की नीतियों का ही अनुसरण कर रही है। नीतियों के कारण किसान, मजदूर आत्महत्या कर रहे हैं, रोजगार नष्ट हो रहे हैं और इसका प्रभाव उत्तराखंड में भी पड़ रहा है। गैरसैंण राजधानी के मुद्दे पर दोनों ही पार्टियों ने प्रदेश के लोगों के साथ छल किया है।
तिवारी ने कहा कि उपपा सरकार से पंचेश्वर बांध के प्रस्ताव को वापस लेने और प्रदेश में हिमाचल की तर्ज पर कृषि भूमि बाहरी व्यक्तियों को नहीं देने जैसे निर्णय लेने की मांग करती है। नैनीसार मुद्दे पर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच की बात की थी लेकिन आज तक न तो मुकदमे वापस लिए और न जांच हुई।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रभात ध्यानी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। प्रदेश सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में सही पैरवी नहीं करने से गरीब और मजदूर वर्ग को परेशानी हो रही हैं। इन सब मुद्दों को लेकर उपपा राज्य स्थापना दिवस तक प्रदेश भर में बैठक और आंदोलन शुरू करेगी। वार्ता के दौरान रेखा धस्माना, कुलदीप मधवाल, केएस रावत, आनंदी वर्मा, आनंदी मनराल, प्रकाश जोशी, वंदना कोहली आदि मौजूद थे।