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उक्रांद और राज्य आंदोलनकारियों ने धरना दिया

Sun, 30 Jul 2017 10:07 PM IST
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
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देते उक्रांद और राज्य आंदोलनकारी। - फोटो : अमर उजाला
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राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने, पूर्ण शराबबंदी लागू करने समेत विभिन्न मांगें पूरी नहीं होने से नाराज उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं और राज्य आंदोलनकारियों ने रविवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
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धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनने के 17 वर्षों बाद भी उप्र ने उत्तराखंड राज्य की सीमा के भीतर स्थित खरबों रुपयों की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। अब उत्तर प्रदेश इन संपत्तियों को उत्तराखंड के ही लोगों को बेच रहा है। राज्य में बारी-बारी से सत्ता में आई कांग्रेस और भाजपा की सरकारें मूक दर्शक बनकर यह सब देखती रहती हैं। चुनावी दौर में बड़े-बड़े दावे करने वाली राष्ट्रीय पार्टियां अपने राज्य की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द होने से बचाने में बेबस नजर आ रही हैं। चुनाव से पहले शराबबंदी और महिलाओं का सम्मान किए जाने की बात करने वाली भाजपा जहां शराबबंदी लागू नहीं कर रही, वहीं शराबबंदी की मांग करने वाली महिलाओं पर मुकदमे दर्ज कर महिला विरोधी चेहरा उजागर कर चुकी है। उन्होंने उप्र के साथ परिसंपत्तियों का बटवारा कराने, पंचेश्वर बांध के निर्माण पर पुनर्विचार करने, राज्य में शराबबंदी लागू करने, राज्य आंदोलनकारियों को दिए क्षैतिज आरक्षण बहाल करने की मांग की।

सभा की अध्यक्षता जिला संयोजक गोपाल मेहता ने की। धरने पर ब्रह्मानंद डालाकोटी, हरीश जोशी, शिवराज बनौला, गोपाल बनौला, काशी दत्त पेटशाली, दिनेश जोशी, विशंभर पेटशाली, उदय महरा, कमलेश जोशी,आ हरीश जोशी, विजय नेगी, रोहित चम्याल, दीपक कुमार, गोविंद सिंह, सागर प्रसाद, शंकर दत्त, अर्जुन सिंह, दिनेश शर्मा, दिनेश बहुगुणा, बहादुर राम, गिरीश नाथ गोस्वामी, मुमताज कश्मीरी, महेश परिहार, देवनाथ, गिरीश साह, आनंदी महरा, भानु पंत, पुष्पा नयाल बैठे। 
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