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संजय हत्याकांड में कुख्यात रमेश बंबइया के बेटे समेत दो को उम्रकैद

Tue, 19 Dec 2017 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
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मृतक संजय फर्त्याल फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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पिलखोली के चर्चित संजय फर्त्याल हत्याकांड के दो अभियुक्त सूरज चिलवाल और जगदीश फर्त्याल को अपर एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार सिरोही की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो साल पूर्व संजय की उसके ही दोस्तों ने निर्मम हत्या कर दी थी। इसी साल जनवरी में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उम्रकैद की सजा पाने वालों में मुख्य अभियुक्त सूरज चिलवाल कुख्यात अपराधी रमेश बंबइया का पुत्र है। मरहूम बंबइया का एक दौर में पूरे प्रदेश में खासा आतंक रहा था। 
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 संजय 14 जनवरी 2016 को उत्तरायणी पर्व की रात अचानक लापता हो गया था। 20 जनवरी को संजय की मां गंगा देवी ने राजस्व पुलिस में प्राथमिकी दर्ज  कराई। 26 मार्च 2016 को संजय की सिर कटी लाश यहां कमेटपानी जंगल के गधेरे में मिली थी। कपड़ों के आधार पर परजिनों ने संजय की शिनाख्त की। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद यह मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ। इसके बाद जांच चलती रही। ठीक एक साल बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया और आरोपी पन्याली निवासी सूरज चिलवाल पुत्र रमेश चिलवाल उर्फ बंबइया, जगदीश फर्त्याल पुत्र दीवान सिंह और मोहित फर्त्याल को गिरफ्तार कर लिया। मोहित फर्त्याल को बाद में जमानत मिल गई थी। 

मंगलवार को इस मामले में अपर एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार सिरोही ने फैसला सुनाया है। आरोपियों पर दोष सिद्ध होने के बाद सूरज चिलवाल और जगदीश फर्त्याल को धारा 302:34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी देना होगा। अर्थदंड नहीं दे पाने की स्थिति में एक वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 120 बी:34 के तहत तीन साल की सजा भी सुनाई गई है। अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरीश मनराल और एडवोकेट एचबी नैनवाल ने मामले में पैरवी की।
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दो साल बाद मिला मां को इंसाफ
रानीखेत। दो साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मृतक संजय फर्त्याल की मां गंगा देवी और उसकी बहनों को इंसाफ मिल ही गया। 11 साल पहले संजय के बड़े भाई की भी हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि आरोपी सूरज चिलवाल मृतक संजय पर अपनी दुकान में काम करने का दबाव बनाता था। लेकिन संजय ने अपनी अलग दुकान खोल ली थी, जिस कारण अभियुक्त संजय से रंजिश रखने लगे थे।
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