ताड़ीखेत में ट्यूबवैल के लिए सर्वे करती टीम और स्थानीय लोग। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। सब कुछ ठीक रहा तो सबसे बड़े ताड़ीखेत ब्लॉक की पेयजल समस्या कुछ हद तक दूर हो सकेगी। जल जीवन मिशन के दूसरे फेज के तहत यहां ट्यूबवेल के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। दिल्ली से पहुंची सर्वे टीम ने बोरिंग के लिए तीन स्थानों का निरीक्षण किया।
ताड़ीखेत सहित आसपास के कुछ गांवों के लिए तीन पेयजल योजनाएं संचालित होती हैं लेकिन इसके बावजूद भी यहां पानी की भारी किल्लत रहती है। ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति और स्थानीय ग्रामीण लगातार पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग करते रहे हैं। यदि ट्यूबवेल लग जाता है तो ताड़ीखेत बाजार, तौड़ा, ऐराड़ी गांव में पानी की दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी। ताड़ीखेत क्षेत्र के लिए ऋषिगाड़ पेयजल योजना, तिपौला पंपिंग योजना और ताड़ीखेत गगास पेयजल योजना से आपूर्ति कराई जाती है। तौड़ा के प्रधान मंजीत भगत ने बताया कि गगास योजना का पानी बाजार क्षेत्र में वितरित होता नहीं है। तिपौला योजना से भी आपूर्ति नहीं हो पाती, ऋषिगाड़ योजना पर इलाका निर्भर रहता है। लंबे समय से वह लोग यहां ट्यूबवेल लगाने की मांग कर रहे थे। जल जीवन मिशन के तहत दिल्ली से पहुंची टीम ने ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष गोपाल अधिकारी, व्यापार संघ अध्यक्ष विजय शंकर, आशु भगत, प्रमोद रावत, ध्यान सिंह नेगी के साथ यहां रामनगर पार्क पर सल्टिया डांठ, ट्रेनिंग सेंटर और एराड़ी का निरीक्षण किया। पानी की उपलब्धता के आधार पर आगणन बनेगा। जेई संदीप कुमार ने बताया कि दिल्ली से सर्वे टीम फिर आएगी, पानी की उपलब्धता के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
चिलियानौला में भी लगेगा ट्यूबवेल
रानीखेत। पेयजल किल्लत को देखते हुए नगर पालिका चिलियानौला में भी ट्यूबवेल प्रस्तावित है। लेकिन यहां अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है। जल संस्थान के ईई सुरेश ठाकुर ने बताया कि भूमि की तलाश चल रही है। इसके बाद आगणन बनेगा।