रानीखेत उप जिला चिकित्सालय की आवासीय कॉलोनी में गिरा पेड़
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय की आवासीय कॉलोनी में बीते बुधवार देर शाम अंधड़ से चीड़ का विशालकाय पेड़ गिर गया। संयोग से पेड़ कॉलोनी के दूसरी तरफ गिरा, इससे बड़ी घटना होने से बच गई। चिकित्सकों का कहना है कि 10 दिन पूर्व ही खतरा बने पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र दिया था, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। पेड़ गिरने से बाईपास सड़क पर आवाजाही ठप रही। कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। सड़क के दोनों तरफ सेना और यात्री वाहन फंसे रहे। फायर सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे बाद पेड़ हटाकर आवाजाही शुरू कराई।
पूर्व में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी
रानीखेत नगर में उर्स मेले के दौरान पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। साथ ही कई अन्य घायल हो गए थे। वन विभाग ने इस घटना से सबक न लेकर अब तक खतरा बने पेड़ों को नहीं हटाया है जो भविष्य में बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं।
कई जगह कमजोर हो गए है पेड़
रानीखेत-हल्द्वानी, रानीखेत-रामनगर सहित रानीखेत-अल्मोड़ा हाईवे पर सड़क किनारे खड़े कई पेड़ जलकर कमजोर हो गए हैं। अंधड़ में इनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। सबकुछ जानते हुए भी सरकारी तंत्र खतरा बने पेड़ों को न हटाकर किसी घटना का इंतजार कर रहा है।
पूर्व में मेरे आवास पर एक पेड़ गिरने से छत का एक हिस्सा टूट गया था। 10 दिन पूर्व खतरा बने कई पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया था, लेकिन सार्थक पहल नहीं की गयी। संयोग से पेड़ विपरीत दिशा में गिरा अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
-डॉ. अशोक टम्टा, सर्जन, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।
कोट- खतरा बने पेड़ों के बारे में संबंधित विभागों से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अब तक पेड़ हटाने संबंधी कोई आवेदन विभाग को नहीं मिला। आवेदन मिलेगा तो वन निगम के साथ मिलकर इन्हें हटाने की रणनीति बनाई जाएगी।
-दीपक सिंह, डीएफओ, अल्मोड़ा।