कड़ाके की सर्दी में नगर के लोगों को ठंड से बचाव के लिए लकड़ी और कोयला नहीं मिल रहा है। खासकर बाजार मालरोड, बाजार और आसपास टाल नहीं होने की वजह से जलावनी लकड़ी और कोयले के लिए शहर के दूसरे छोर जाना पड़ता है, जबकि पूर्व में लोगों को टाल उपलब्ध होने से दिक्कतें नहीं आती थीं, लेकिन 2004 से माल रोड के पास स्थित टाल बंद है।
ठंड शुरू होते ही वन निगम 15 नवंबर से 15 मार्च तक लोगों को नगर में जलावनी लकड़ी और कोयला उपलब्ध कराता आया है। जिसके तहत प्रत्येक राशन कार्ड धारक को एक से ढाई यूनिट तक 15 किलो और तीन से चार यूनिट वाले कार्ड को 25 किलो कोयला उपलब्ध कराया जाता है। निगम ने इसके लिए नगर में खत्याड़ी, एनटीडी और लाला बाजार में तीन टाल भी निर्धारित किए थे। बाजार क्षेत्र में नगर पालिका के पार्किंग कांप्लेक्स के निकट स्थित टाल 2004 से बंद पड़ा है। जिससे नगर के लोगों को लकड़ी और कोयला लेने के लिए खत्याड़ी अथवा एनटीडी जाना पड़ रहा है।
स्थानीय व्यापारी दीप लाल साह ने बताया कि कड़ाके की ठंड में लोगों को कोयला और लकड़ी उपलब्ध नहीं होने से खासी परेशानी हो रही है और वन निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वन निगम का कहना है कि शापिंग कांप्लेक्स बनने से पूर्व यहां वन विभाग की जमीन थी और लोगों को कोयला और लकड़ी उपलब्ध कराई जाती थी।
उस दौरान शापिंग कांप्लेक्स तैयार हो रहा था और वन विभाग ने यहां स्थित अपनी जमीन पालिका को दे दी थी ताकि बाद में उनको पालिका के शापिंग कांप्लेक्स में ही टाल के लिए जगह उपलब्ध हो सके। वन निगम के अधिकारी दीप चंद्र पंत ने बताया कि पालिका द्वारा उनको जगह उपलब्ध नहीं कराई गई है जिससे निगम बाजार के लोगों को कोयला और जलावनी लकड़ी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। अगर पालिका जमीन उपलब्ध कराएगी तो निगम कोयला और लकड़ी उपलब्ध करा देगा।
कोट-
वन निगम से किसी भी तरह का पत्र व्यवहार नहीं किया गया और न ही कोई शिकायत उनके पास पहुंची है। वन निगम ने अपनी जमीन कार पार्किंग के लिए दी थी जिसका पालिका लगातार शुल्क दे रही है। टाल के लिए वर्तमान समय में पालिका के पास खाली जमीन नहीं है।
- प्रकाश चंद्र जोशी, पालिकाध्यक्ष