मकर संक्रांति के अवसर पर लिंक रोड स्थित गायत्री प्रज्ञापीठ में जप, देव आह्वान, पूजन आदि धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके अलावा 18 यज्ञोपवीत, 20 कर्णभेद और चार मुंडन संस्कार संपन्न हुए।
शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि आचार्यों ने कहा कि मनुष्य के जीवन में उन्नति के साथ सुख-शांति भी जरूरी है।
सुख-शांति व्यक्ति के संस्कारवान और सदाचारी हुए बिना संभव नहीं है। इसके लिए देश के ऋषियों ने महान संस्कार परंपरा को जन जीवन में स्थापित किया। गायत्री परिवार के पंकज कांडपाल ने बताया कि मकर संक्रांति पर 18 यज्ञोपवीत, 20 कर्ण भेद और चार मुंडन संस्कार किए गए।
इस मौके पर मंजू जोशी, डा. मीनाक्षी पांडेय, दीपा जोशी, रीता पांडे, चंपा जोशी, हेमा भाकुनी, प्रेमा कांडपाल, मीनाक्षी भट्ट, अनीता कफलिया, मुन्नी बिष्ट, सौम्या कांडपाल, विद्योतमा जोशी, प्रियंका, ओजस्वी, सौम्या भट्ट, कार्ति भट्ट, पंकज कांडपाल, मोहन पांडेय, दीपक गुणवंत, पूरन कांडपाल, महेंद्र सिंह बिष्ट, भीम सिंह अधिकारी आदि मौजूद थे।