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पर्यटननगरी में ही चार साल से बंद पड़ा पर्यटन कार्यालय

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पर्यटन कार्यालय में लोगों को पर्यटन योजनाओं की जानकारी देते कर्मचारी। संवाद - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगर में पर्यटन कार्यालय पर पिछले ढाई साल से ताला लटका है। इस कारण पर्यटन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी लोगों तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पहले यहां सहायक पर्यटन अधिकारी बैठते थे, इसके बाद यह कार्यालय एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले रहा, लेकिन चार साल पहले उसे भी अल्मोड़ा संबद्ध कर देने से यहां ताले लटक गए हैं। पर्यटन विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए अल्मोड़ा से कर्मचारी भेजे गए थे, लेकिन कार्यालय बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतें हुई, बाद में कार्यालय परिसर के प्रांगण में ही लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी गई।
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रानीखेत को पर्यटन नगरी का दर्जा हासिल है, लेकिन चार साल से यहां रोडवेज के पास स्थित पर्यटन विभाग का कार्यालय बंद है। इससे पहले यह कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले था, कुछ जानकारियां मिल जाती थी, लेकिन उन्हें भी संबद्ध कर देने से अब जानकारियां नहीं मिल पाती। यहां साल भर हजारों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। उनका डाटा तक नहीं मिल पा रहा है। पर्यटन विकास संबंधी गतिविधियां ठप हैं। रानीखेत क्षेत्र में पहुंचने वाले पर्यटकों की आवाजाही का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ विभाग ने कार्यालय की सुध लेेना बंद कर दिया है। वर्ष 2010 में आई आपदा के दौरान कार्यालय परिसर क्षतिग्रस्त हो गया था। रास्ते टूट गए थे और कार्यालय की दीवारों पर भी दरार आ गई थी। उसे भी ठीक नहीं किया गया है। इधर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जिला पर्यटन कार्यालय ने एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पर्यटन कार्यालय में भेजा था, लेकिन कार्यालय बंद मिलने से लोग परेशान हो गए। हालांकि बाद में कर्मचारी ने कार्यालय के बाहर परिसर में ही स्टाल लगाकर लोगों को वीर चंद्र गढ़वाली योजना सहित पर्यटन विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी दी।
पर्यटन कार्यालय रानीखेत में शिविर लगाया गया था, अब इसे नियमित रूप से खोला जा रहा है। एक अन्य स्टाफ की नियुक्ति के प्रयास चल रहे हैं। समय मिलने पर मैं स्वयं यहां बैठकर समस्याओं का निस्तारण करने का प्रयास करूंगा। स्टाफ की कमी होने के कारण परेशानी हो रही थी, अब इसे नियमित खोला जाएगा। -अमित लोहनी, जिला पर्यटन अधिकारी, रानीखेत।
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पर्यटन नगरी में ही पर्यटन कार्यालय का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। रानीखेत का व्यवसाय ही पर्यटन से जुड़ा हुआ है। पर्यटन संबंधी जानकारियां तमाम कार्यालय से ही उपलब्ध होती हैं। कार्यालय को फिर से खोलना चाहिए। -भगवंत नेगी, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष।
पर्यटन नगरी की हमेशा ही उपेक्षा होती रही है। होटल एसोसिएशन ने विभाग को पूर्व में इस कार्यालय को खोलने के लिए पत्र भी भेजा था, कहा था कि यदि विभाग से कार्यालय नहीं चल रहा तो होटल एसोसिएशन इसे चलाएगा, यहां गतिविधियां कराएगा। विभाग को तत्काल यहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भेजना चाहिए। -हिमांशु उपाध्याय, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन।
ब्रिटिशकालीन रानीखेत का अपना महत्व है। पर्यटन नगरी में पर्यटन संबंधी गतिविधियों की जानकारी के लिए कार्यालय का खुलना जरूरी है। पूर्व में यहां सहायक पर्यटन अधिकारी बैठते थे, लेकिन धीरे धीरे अब कार्यालय ही बंद हो गया है। इसे खुलना चाहिए। तभी पर्यटन संबंधी योजनाओं का प्रचार-प्रसार होगा। -हर्ष पंत, पूर्व महामंत्री, व्यापार मंडल रानीखेत।
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