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पिलखा गांव में देवरानी को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ी जेठानी  

Sun, 08 Oct 2017 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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अस्पताल में घायल अवस्था में उमा देवी। - फोटो : अमर उजाला
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 हवालबाग विकासखंड के पिलखा गांव में देवरानी को बचाने के लिए जान की परवा किए बगैर जेठानी तेंदुए से भिड़ गई। तेंदुए ने पंजे मारकर दोनों महिलाओं को गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिलाओं के चिल्लाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तब तक तेंदुआ भाग गया था। ग्रामीण दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाए जहां उनका उपचार चल रहा है। दोनों की हालत हालत खतरे से बाहर है।  विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। 
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पिलखा गांव में आबादी क्षेत्र से करीब दो सौ मीटर दूरी पर देवी मंदिर स्थित है। पूजा देवी (24) पत्नी देवेंद्र सिंह अपनी जेठानी उमा देवी (35) पत्नी डूंगर सिंह के साथ रविवार सुबह करीब 8:30 बजे मंदिर के समीप ही घास काट रही थी कि तभी घात लगाए तेंदुए ने पूजा देवी पर हमला बोल दिया। पूजा के चिल्लाने की आवाज सुनकर पास ही घास काट रही जेठानी उमा देवी दरांती लेकर तेंदुए की ओर बढ़ी पर हड़बड़ाहट में उमा देवी के हाथ से दरांती गिर गई, लेकिन वह पीछे नहीं हटी और पूजा को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई। तेंदुआ पूजा को छोड़कर उमा पर झपट गया और उसको भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिलाओं के चिल्लाने की आवाज सुनने के बाद ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे। तब तक तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया था। तेंदुए के हमले में दोनों महिलाएं लहूलुहान हो गईं।  

     ग्रामीण दोनों घायल महिलाओं को जिला अस्पताल लेकर आए। जहां डाक्टरों द्वारा उनका उपचार किया गया। तेंदुए ने पंजे मारकर पूजा देवी के हाथ, जांघ और सिर पर घाव किए हैं जबकि उमा देवी के जांघ, पीठ, मुंह पर घाव हैं। डाक्टरों के अनुसार दोनों महिलाओं की स्थिति खतरे से बाहर है। घटना की जानकारी मिलने पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल पूछा। उन्होंने मौके से ही फोन कर अल्मोड़ा वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को पिलखा गांव में पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। वन विभाग के डिप्टी रेंजर दीपक कुमार पंत और नितिश कुमार ने दोनों घायलों के परिजनों को तत्काल अहैतुक सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपये प्रदान कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि शेष राहत राशि जल्द दी जाएगी। तेंदुए द्वारा महिलाओं पर हमला करने से गांव में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने कुछ दिन पहले गांव में एक घोड़ा और तीन गायें भी मार डाली थीं। तेंदुओं के डर से बच्चों को स्कूल भेजने में भी ग्रामीण काफी सतर्कता बरत रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए के आतंक से निजात 
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दिलाई जाए। इधर वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगा दिया है और चार वन कर्मियों की टीम गांव में तैनात कर दी है, जो कि गश्त करेगी।                         
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