जंगल की आग ने तीन साल की बच्ची की जान ले ली। जानवरों को चराने गए बच्चों के साथ तीन साल की एक बच्ची भी जंगल चली गई थी। इस बीच वह जंगल में लगी आग की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गई। उसे इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक बीती सात मार्च को भैंसियाछाना ब्लॉक के ब्रह्मटाना गांव के कुछ बच्चे अपने पालतू जानवरों को चराने के लिए पास के जंगल में गए थे। उनके साथ हरगोविंद प्रसाद की तीन साल की बच्ची आराध्या भी जंगल चली गई। इस बीच ब्रह्मटाना और भेटा-डांगी गांव की सरहद के पास जंगल में आग भड़क गई। आराध्या आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई।
बाद में परिजन उसे उपचार के लिए अल्मोड़ा ले गए। डाक्टरों ने उसे एसटीएच हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया। इलाज के दौरान आठ मार्च को आराध्या ने दम तोड़ दिया। क्षेत्र के पटवारी त्रिलोचन भट्ट ने बताया कि घटना की सूचना उन्हें दस मार्च को मिली। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को दे दी गई है। इधर पीड़ित परिवार ने वन विभाग को भी घटना की सूचना दी है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिलाने की मांग की है।