अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार ने अल्मोड़ा कलक्ट्रेट से विकास भवन, कसारदेवी तक रोप-वे बनाने की घोषणा तो की थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका है। यदि रोप-वे बन जाएं तो जहां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, वहीं विकास भवन जाने वाले कर्मचारियों को भी सुविधा मिलेगी।
पर्यटन की दृष्टि से जिले में कई रमणीक स्थान हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं न होने से इन स्थलों तक पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं। पूर्व में सरकार ने अल्मोड़ा कलक्ट्रेट से पांडेखोला विकास भवन, कसारदेवी तक रोप-वे बनाने की घोषणा की थी, ताकि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिले। रोपवे जहां नगर में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होते वहीं स्थानीय व्यापारियों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ते।
शहर से पांडेखोला विकास भवन की दूरी पांच किमी है। यदि यह रोपवे बन जाता तो पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों, कर्मचारियों को विकास भवन जाने में सुविधा होती। रोप-वे से मात्र आधा किमी की दूरी तय करनी पड़ती। वर्ष 2015 में पर्यटन विभाग ने रोप-वे के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था, पर लंबे समय बाद भी सरकार ने रोप-वे निर्माण को मंजूरी नहीं दी। अब जनता को प्रदेश में सत्तारूढ़ होने वाली भाजपा सरकार से आशा है कि वह क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगी।