पिछले तीन सप्ताह से आंदोलित आल्पस फैक्ट्री से हटाए गए कर्मचारियों की रविवार को प्रबंधन से वार्ता हुई। वार्ता में प्रबंधन निदेशक ने कर्मचारियों को 90 दिन के भीतर कंपनी को पुन: संचालित करने और कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद आल्पस कंपनी से निकाले गए कर्मचारियों ने क्रमिक अनशन और धरना समाप्त कर दिया है।
आल्पस फैक्ट्री बंद होने के बाद काम से निकाल दिए कर्मचारी पिछले सप्ताह से फैक्ट्री प्रांगण में आंदोलनरत थे। कर्मचारी सेवा बहाली और कंपनी को पुन: संचालित करने की मांग को लेकर आंदोलन चलाए हुए थे। इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा था। कंपनी के प्रबंधक निदेशक जयेश शुक्ला रविवार को अल्मोड़ा पहुंचे। बाद में एसडीएम रिंकू बिष्ट की मौजूदगी में आल्पस कंपनी के फाउंडर डायरेक्टर खजान जोशी, प्रबंध निदेशक जयेश शुक्ला, उप निरीक्षक गणेश मनौला और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई। करीब तीन घंटे तक चली वार्ता में कंपनी प्रबंधन वर्ग और आंदोलित कर्मचारियों के बीच लिखित समझौता हुआ।
समझौते में प्रबंधन निदेशक जयेश शुक्ला ने आश्वासन दिया कि 90 दिन के भीतर कंपनी पुन: संचालित की जाएगी। कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दिया जाएगा। प्रबंधक निदेशक ने आश्वासन दिया कि इस अवधि में कंपनी के अन्य डायरेक्टरों का मामला भी आपस में सुलझा लेंगे। प्रबंध निदेशक से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। वार्ता में कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पीएस भंडारी, बलवंत बिष्ट, विनोद तिवारी, धीरेंद्र भाकुनी, अशोक साह, घनश्याम जोशी, तनुज कर्नाटक, पूरन सिंह भंडारी, भावना वर्मा, देवकी नंदन पांडे, ज्ञान चंद्र बुधोड़ी, विनोद तिवारी, सुनील कुमार, गोविंद जोशी, अनिल कुमार, प्रकाश तिवारी आदि शामिल थे।