रानीखेत की पहचान रानी झील को जोड़ने वाली सड़क बदहाल, 3000 स्कूली बच्चे रोजाना इस मार्ग से करते हैं आवाजाही
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी के प्रमुख मार्ग में शुमार रानी झील सड़क की हालत इस पर बने 100 से अधिक गड्डे बता रहे हैं। मात्र एक किलोमीटर की इस सड़क से रोजाना 3000 स्कूली बच्चे और 500 पर्यटक आवाजाही करते हैं। बावजूद इसके छावनी परिषद इसे सुधारने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
रानीझील यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की पहली पसंद है। झील को नगर से जोड़ने वाली सड़क पर चलना किसी परीक्षा देने सरीखा है। इस कारण पर्यटक यहां से कटु अनुभव लेकर गुजरते हैं। स्थानीय व्यापारियों का दावा है कि सड़क की बदहाली के चलते पर्यटकों की संख्या में 30 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई है।
बोले पर्यटक
रानीझील को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। इसके सुधारीकरण के प्रयास होने चाहिए।
कृषानु दत्ता, पर्यटक, दिल्ली।
मैं रानीझील घूमने आया था। सड़क बेहद खराब है। इससे दुर्घटना हो सकती है। सड़क ठीक होने के बाद ही यहां का रुख करुंगा।
अंबर चौधरी, पर्यटक, नोएडा।
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रानी झील की सड़क खराब है। गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे है। पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए इसका सुधार जरूरी है।
विनीत कुमार, पर्यटक, देहरादून।
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सड़क में बहुत गड्ढे हैं। स्कूल वाहन भी बमुश्किल आवाजाही कर रहे हैं। कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
रमेश जोशी, अध्यक्ष टैक्सी यूनियन, रानीखेत।
कोट -
रानीझील की आधी सड़क छावनी और कुछ हिस्सा एमईएस के अधीन है। सड़क सुधारीकरण के लिए एमईएस के अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। छावनी के अधीन सड़क का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। -कुनाल रोहिला, मुख्य अधिशासी अधिकारी, रानीखेत।